चपरासी और ड्राइवर बांधते थे मरीजों को प्लास्टर सरकारी शुल्क के नाम पर करते थे अवैध वसूली
1 min readमरीजों को लूटने वाला चपरासी वार्ड से हटा
चपरासी और ड्राइवर बांधते थे मरीजों को प्लास्टर
सरकारी शुल्क के नाम पर करते थे अवैध वसूली
चपरासी एवं ड्राइवर मरीजों की जेब पर डालते थे ढाका
शिकायत और खबरों का सीएमएस ने लिया संज्ञान
मिल्कीपुर/अयोध्या
अयोध्या जनपद के संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज के ऑर्थो विभाग अंतर्गत प्लास्टर कक्ष में धड़ले से हो रही अवैध वसूली की शिकायतों का अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने संज्ञान ले लिया है और उन्होंने पारित कार्यवाही करते हुए मरीजों से सरकारी शुल्क के नाम पर वसूली करने के आरोपी चपरासी धनंजय सिंह मिंटू को ऑर्थो विभाग से हटा दिया है। लुटेरे चपरासी को उन्होंने अस्पताल के स्टोर में तैनाती दे दी है। इसके अलावा ऑर्थो चिकित्सक डॉ प्रवीण बरनवाल के निजी ड्राइवर का अस्पताल भवन में प्रवेश वर्जित कर दिया है। यही नहीं सीएमएस ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए चिकित्सक डॉ प्रवीण बरनवाल को भी सख्त हिदायत दे दी है कि ओपीडी समाप्त करने के उपरांत अपनी निगरानी और देखरेख में मरीज का प्लास्टर सहित अन्य इलाज कराएं। बताते चलें कि संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज के ऑर्थो चिकित्सक डॉ प्रवीण बरनवाल के साथ चपरासी के रूप में धनंजय सिंह उर्फ मिंटू की तैनाती थी, जो ओपीडी में मरीज का पर्चा जमा कर उन्हें चिकित्सक से दिखाने का काम करता था। ओपीडी कक्ष में ही ऑर्थो चिकित्सक का ड्राइवर छोटू नियमित रूप से बना रहता है। डॉ प्रवीण बरनवाल द्वारा हड्डी फ्रैक्चर मरीज का प्लास्टर हेतु सलाह देते हैं इसके उपरांत चपरासी धनंजय सिंह मिंटू एवं उनका ड्राइवर छोटू संबंधित मरीज को प्लास्टर कक्ष में ले जाते हैं और उनसे बिना निर्धारित सरकारी शुल्क की रसीद कटाए 500 से 1000 रुपए तक ऐठं लेते हैं। यह कम अस्पताल में ओपीडी अपराध 2:00 बजे समाप्त होने के बाद देर शाम तक चलता रहता था। बीते बुधवार को डॉक्टर के दोनों गुर्गों द्वारा अवैध वसूली को लेकर हंगामा हो गया। अस्पताल पहुंचे लोगों ने इसका विरोध करते हुए हंगामा किया और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से समूचे घटनाक्रम और खुलेआम की जा रही अवैध वसूली की शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि अस्पताल के ऑर्थो चिकित्सक द्वारा कभी भी प्लास्टर के नाम पर मरीजों को हाथ तक नहीं लगाया जाता है। जिसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि जब से अस्पताल संचालित हुआ है, तब से कई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो कि आउट सोर्सिंग के माध्यम से अस्पताल में कार्यरत हैं, एक ही पटल पर जमे हैं, उनका पटल बदल दिया जाए। जिससे भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर अंकुश लग सकेगा। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ रवि पांडे ने मरीजों की जेब पर डाका डालने वाले चपरासी धनंजय सिंह मिंटू को ऑर्थो विभाग से हटाने का आदेश दे दिया और उनके स्थान पर अस्पताल के स्टोर में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनुराग सिंह को ऑर्थो विभाग में जिम्मेदारी सौंप दी है। सीएमएस डॉ रवि पांडे ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है हालांकि ऑर्थो चिकित्सक डॉ प्रवीण बरनवाल को भी कड़ी चेतावनी देते हुए उन्हें अपने मौजूदगी एवं निगरानी में मरीज का समुचित इलाज किए जाने के निर्देश दे दिए गए हैं।

