कांस्टेबल संदीप शर्मा को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, तिरंगे में लिपटे शव को देख नम हुईं आंखें, सड़क हादसे में हुई थी मौत
1 min readधौलपुर राजस्थान।
कांस्टेबल संदीप शर्मा को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, तिरंगे में लिपटे शव को देख नम हुईं आंखें
दौसा सड़क हादसे में हुई थी मौत
धौलपुर। दौसा में हुए सड़क हादसे का शिकार बने धौलपुर पुलिस के जांबाज कांस्टेबल संदीप शर्मा को गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित चंबल मुक्तिधाम पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। परिजनों और पुलिस के जवानों ने तिरंगे में लिपटी अर्थी को कंधा दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सहित अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पोस्टमार्टम के बाद संदीप शर्मा का पार्थिव शरीर सवाई मानसिंह अस्पताल, जयपुर से धौलपुर लाया गया था। दोपहर बाद अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मुक्तिधाम पर मौजूद स्थानीय लोगों ने “जब तक सूरज-चांद रहेगा, संदीप तेरा नाम रहेगा” के नारे लगाकर इस वीर सिपाही को भावभीनी विदाई दी।
अंतिम संस्कार के समय पुलिस दल की ओर से मातमी धुन बजाई गई और सम्मान स्वरूप 15 राउंड फायर किए गए।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
कांस्टेबल संदीप शर्मा की असामयिक मौत से पुलिस विभाग में गहरा शोक है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि “संदीप शर्मा राजस्थान पुलिस का एक जांबाज जवान था, जो हमेशा अपने फर्ज और कर्तव्य के प्रति समर्पित रहा। उनकी मृत्यु से पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है।” उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना भी प्रकट की।
दौसा में हुआ था हादसा
संदीप शर्मा पुलिस विभाग में चालक के पद पर भर्ती हुए थे और वर्तमान में पुलिस लाइन धौलपुर में सेवाएं दे रहे थे।
मंगलवार को पुलिस लाइन का चालानी गार्ड कुख्यात डकैत धर्मेंद्र उर्फ लुक्का को लेकर नागौर से लौट रहा था। वाहन को संदीप शर्मा चला रहे थे। इसी दौरान जयपुर-आगरा हाईवे पर काला खोह, दौसा के पास ट्रक से भीषण टक्कर हो गई। हादसे में कांस्टेबल संदीप शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एएसआई भंवर सिंह, अन्य पुलिसकर्मी और बदमाश धर्मेंद्र उर्फ लुक्का घायल हो गए।
विजय शर्मा ब्यूरो

