स्कूल परिसर में घुस कर शिक्षक के साथ दुष्ट कृत्य निंदनीय, मोस्ट ने दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग
1 min readशिक्षक से नाक रगड़वाने जैसी अभद्रता करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग
स्कूल परिसर में घुस कर शिक्षक के साथ दुष्ट कृत्य निंदनीय, मोस्ट ने दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग
सुलतानपुर
कंपोजिट विद्यालय समरथपुर के शिक्षक ओम प्रकाश के साथ किए गए अमानवीय कृत्य की निंदा और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कृत्य पर मोस्ट के पदाधिकारियों ने असंतोष व्यक्त किया और जिलाधिकारी से बेसिक शिक्षा में विधि का शासन कायम कराने की मांग की।
मोस्ट पदाधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्ष दर्शियों व प्राप्त वीडियो के अनुसार कंपोजिट विद्यालय समरथपुर, विकास खण्ड धनपतगंज में कार्यरत शिक्षक ओम प्रकाश से स्कूल की छात्रा ने बीते 17 जुलाई को स्कूल टाइम में कांवड़ में शामिल होने की बात कहकर छुट्टी मांगा तो उक्त शिक्षक ने छुट्टी देने के बजाय स्कूल से छुट्टी होने पर घर जाने की सलाह दी तो पांच दिन बाद 22 जुलाई को गांव के सैकड़ों लोग इकट्ठा होकर स्कूल परिसर में आए और उक्त छात्रा द्वारा शिक्षक ओम प्रकाश पर धार्मिक टिप्पणी के आरोप के बहाने शिक्षक को भद्दी-भद्दी गाली दी तथा माफी मंगवाई और फर्श पर नाक तक रगड़वाई और इस जानकारी के बाद भी कि उक्त लोगों ने स्कूल परिसर में जबरन उक्त शिक्षक से अमानवीय ढंग से माफी मांगने और स्कूल परिसर से जबरन मंदिर पर ले जाकर नाक रगड़ने पर मजबूर करने वाले दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की सिफारिश करने के बजाय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सुलतानपुर द्वारा उक्त शिक्षक को ही सुनवाई का अवसर दिए बिना मात्र किसी के कहने या सुनकर निलंबित किया गया है जो नेचुरल जस्टिस का घोर उल्लघंन है।
मोस्ट कल्याण संस्थान ने मांग की है कि उक्त शिक्षक ओम प्रकाश को तत्काल बहाल किया जाय एवं शिक्षक की गरिमा को उक्त क्षेत्र के असामाजिक तत्वों द्वारा तार-तार कर दी गई है इसलिए उनकी तैनाती किसी अन्य विकास खण्ड में की जाय तथा स्कूल परिसर में घुस कर शिक्षक के साथ अमानवीय कृत्य करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया जाय व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सुलतानपुर को नेचुरल जस्टिस और दोहरे दण्ड से दंडित न किए जाने की विधि से अवगत कराया जाए ताकि किसी अन्य शिक्षक के साथ पुनरावृत्ति न हो और अराजक तत्वों के कृत्य से प्राथमिक शिक्षकों में भय और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो गई है ऐसी हालत में शिक्षकों की कार्य क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है यथा संभव कानून के राज की विश्वास बहाली की जाय।
जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव ने चेतावनी दी है कि यदि उपरोक्त मांगें नही पूरी हुई तो जनपद में विधि का शासन कायम कराने के लिए मोस्ट के लोग जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
उक्त अवसर पर मोस्ट प्रमुख जीशान अहमद, जिला संयोजक राकेश निषाद, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र कुमार निषाद, मोस्ट रक्षक दल प्रेम राइडर, बृजेश निषाद, विमल निषाद सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

