अजीत सिंह हत्याकांड, कोर्ट में गवाह मोहर सिंह बोला पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने रची थी साजिश
1 min readलखनऊ

यूपी की राजधानी के विभूतिखंड में 6 जनवरी 2021 को एक गैंगवार हुई। इसमें लखनऊ के कठौता चौराहे के पास पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद अजीत की पत्नी रानू सिंह ने मऊ में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह, आजमगढ़ के माफिया कुंटू सिंह उर्फ ध्रुव सिंह, अखंड सिंह और गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर के खिलाफ लिखित तहरीर दी थी। लखनऊ के विभूतिखंड थाना में अजीत के करीबी मोहर सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। हत्या के दौरान शूटआउट में घायल शूटर राजेश का उपचार कराने वाले शिवेंद्र उर्फ अंकुर ने रिमांड के दौरान पूछताछ में कई राज खोले थे। इसी मले में गवाह मोहर सिंह ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप लगाया है। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने मामले में गवाह मोहर सिंह से बचाव पक्ष की जिरह के लिए 28 जुलाई की तारीख तय की है। इसके पहले कोर्ट ने गवाहों को सुरक्षा देने का आदेश दिया था। इस मामले में गाजीपुर जेल में बंद मामले के वादी और घटना में घायल मोहर सिंह को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में दर्ज कराए बयान में गवाह मोहर सिंह ने बताया कि इस घटना के पहले सीपू सिंह की हत्या हुई थी। इसमें ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू आरोपी था और इसमें अजीत सिंह मुख्य गवाह थे। इसी के चलते कुंटू व उसके साथी अजीत सिंह को धमकी देते रहते थे। बताते चलें कि इसके पूर्व 10 जून को अजीत सिंह के चचेरे भाई अभिषेक सिंह मंटू सिंह की भी गवाही हुई थी।
जान से मरवाने की धमकी दी थी
मोहर सिंह ने गवाही में बताया कि 2020 में सावन के महीने में अजीत सिंह के देवसीपुर स्थित आवास पर रुद्राभिषेक का आयोजन था। उस कार्यक्रम में अंतिम दिन प्रदीप सिंह कबूतरा अपने साढू शिवेंद्र उर्फ़ अंकुर सिंह व सौरभ सिंह व मनीष उर्फ बंधन सिंह के साथ आए थे। मेरे सामने वही पर प्रदीप सिंह कबूतरा ने अजीत सिंह से कहा कि कुंटू सिंह के खिलाफ़ गवाही मत दो नहीं तो तुमको कुंटू सिंह व अखंड प्रताप सिंह जान से मरवा देंगे। प्रदीप ने कहा था की कुंटू, अखंड प्रताप सिंह और धनंजय सिंह मित्र हैं। लिहाजा, धनंजय ने अखंड प्रताप से कहा है कि अगर अजीत सिंह गवाही देता है तो उसे रास्ते से हटवा दो। मैं सारी व्यवस्था करवा दूंगा, लेकिन अजीत सिंह गवाही देने पर अड़ा रहा। उस समय अजीत सिंह ने कहा कि हमको धमकी मत दो मै गवाही जरूर करूंगा। तब प्रदीप सिंह कबूतरा ने कहा कि ठीक है मैं जाकर कुंटू भइया और अखंड भइया से बता दूंगा कि अजीत नहीं मान रहे हैं। उस समय वहां पर मेरे अलावा अजीत सिंह के चाचा राजेश सिंह उनके चचेरे भाई अभिषेक सिंह मंटू तथा अजीत सिंह के साले राणा प्रताप सिंह उर्फ़ सोनू मौजूद थे। इसके बाद यह घटना घटी।मोहर सिंह ने बताया कि अजीत सिंह की हत्या की साजिश कुंटू, अखंड प्रताप, प्रदीप कबूतरा और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने रची है। धनंजय सिंह ने ही शूटरों को बुलवाया और अजीत सिंह की हत्या करवाई।
गवाह ने की कोर्ट में मौजूद आरोपियों की पहचान
गवाह ने कोर्ट में मौजूद आरोपी शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर, मनीष उर्फ बंधन, मुस्तफा उर्फ बंटी और राजेश तोमर की शिनाख्त की। कहा, इन्हीं लोगों ने गोलियां चलाई थीं। गोली मारते समय कन्हैया उर्फ गिरधारी कहा कि कुंटू सिंह के खिलाफ़ गवाही देने पर यही अंजाम होगा। अब जाकर भगवान के पास गवाही देना। घटना के बाद मौके पर पुलिस अग़यी और मुझे लोहिया अस्पताल ले गयी और अजीत सिंह की मौत हो गई थी। इस गवाह ने हरियाणा, जौनपुर और यमुनानगर जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हाजिर तीन आरोपियों की भी गोली चलाने वालों के रूप में शिनाख्त की। अगली सुनवाई पर गवाह से बचाव पक्ष जिरह करेगा।
यह है पूरा मामला
6 जनवरी 2021 को मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के पूर्व उपप्रमुख अजीत सिंह की विभूति खंड क्षेत्र में 25 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें उसका साथी मोहर सिंह घायल हो गया था। इस घटना की रिपोर्ट मोहर सिंह ने विभूति खंड थाने में दर्ज कराई थी। विवेचना में पता चला की धनंजय सिंह की इस घटना में संलिप्तता है। बाद में धनंजय के मामले की विवेचना एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ ने विवेचना के बाद आरोपी धनंजय सिंह को हत्या व साजिश रचने के मामले में क्लीन चिट दी थी। हालांकि जानकारी होने के बावजूद आरोपी को बचाने के लिए सूचना न देने के आरोपों में कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य आरोपों में चार्जशीट दाखिल की थी।
अजीत सिंह को मारी थी 25 गोलियां
15 फरवरी 2021 को अजीत हत्याकांड का मुख्य आरोपी और शूटर गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस उसे लेकर असलहा बरामद करने खरगापुर निकली थी, जहां मौका पाकर उसने दरोगा पर सिर से वार किया और सरकारी पिस्तौल छीनकर भागने लगा। अन्य पुलिसकर्मियों ने पीछा किया तो फायरिंग कर दी। एसएसआई के दाहिने हाथ में गोली लगी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में गिरधारी गंभीर रूप से घायल हो गया। लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस गिरधारी को तीन दिन की कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही थी। गिरधारी और साथी शूटरों ने अजीत को करीब 25 से गोलियां मारी थीं। गैंगवार में गिरधारी के अलावा कुंटू सिंह, अखंड सिंह सहित छह लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
IPS समेत पुलिस कर्मियों को हाइकोर्ट से मिली थी राहत
6 मार्च 2021 को लखनऊ पुलिस ने अजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर के एनकाउंटर का क्राइम सीन रिक्रिएट किया था। परिजनों ने पुलिस पर गिरधारी की हत्या करने का आरोप लगाया था। वहीं, कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेकर पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने आदेश दिया था। हालांकि, हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने निचली कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद बीते 21 दिसम्बर को आरोपी गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर का एनकाउंटर मामले में एक आईपीएस समेत अन्य पुलिसवालों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गयी थी। हाई कोर्ट ने आरोपी बनाए गए पुलिसवालों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश को खारिज कर दिया था।
