भिक्षावृत्ति में खो रहा बचपन सतना नगर के प्रमुखों चौराहों पर भीख मांगते नजर आए मासूम बच्चे
1 min readसतना

बाल विकास के नारों और दावों के बीच बचपन की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं, जो लोगों के दिलों को झकझोर देती हैं। इनमें बच्चों द्वारा भिक्षावृत्ति की तस्वीरें सरकार और समाज को शर्मसार करती हैं। सतना के प्रमुख चौराहों पर बच्चे भीख मांगते नजर आते हैं, और भिक्षावृत्ति रोकने के अभियान कागजों में चल रहा है। सतना के सिविल लाइन चौराहा पर पांच साल की बच्ची बैठी हुई थी। हाथ में कपड़े का एक टुकड़ा पकड़े हुई थी। तभी रेड लाइट पर एक कार रुकती है। वह दौड़ पड़ती है। पहले कपड़े से शीशा साफ करती है, बाद में इशारा करके रुपये मांगने लगती है। कार सवार उसे रुपये देकर चला जाता है। ग्रीन लाइट होने पर वह सड़क से हटकर फुटपाथ पर रेड लाइट होने के इंतजार में बैठ जाती है। यह दृश्य एक दिन का नहीं सतना रोड के चौराहों पर आम हो गया है।सिविल लाइन चौराहा, सर्किट हाउस, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चौपाटी, अन्य स्थानों,के आसपास बच्चों के साथ आए महिला और पुरुष भी रहते हैं। लोगों से रुपये मांगकर बच्चे इन्हीं लोगों को देते हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा अभी तक भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभी तक कोई अभियान नहीं चलाया गया,
