डीएपी की कालाबाजारी जोरों पर किसान परेशान, अधिक दामों पर बेचने का आरोप, अधिकारी खामोश
1 min readमिल्कीपुर/अयोध्या

अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर क्षेत्र की प्रमुख बाजारों में से एक बारुन बाजार , व धर्मगंज, मिल्कीपुर, अछोरा, हैरिंग्टनगंज, कुमारगंज अंजरौली बाजार, व अन्य बाजारों में डीएपी उर्वरक की किल्लत होने से कालाबाजारी जोरों पर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दुकानदार अपनी मनमानी तरीके से बिक्री कर रहे हैं 1450 से लेकर 1500 रूपए तक, बारुन बाजार में दर्जनों निजी उर्वरक की दुकानों समेत एक साधन सहकारी समिति मौजूद हैं।रवी सीजन की बुवाई का मुख्य समय होने के कारण इस समय किसानों को डीएपी उर्वरक की सख्त आवश्यकता है परंतु साधन सहकारी समिति पर डीएपी न मिल पाने के कारण किसान हलकान है।साधन सहकारी समिति बारुन पर कार्यरत आंकिक विक्रेता सुनील सिंह ने बताया कि समिति पर इस समय डीएपी उर्वरक आई हुई है परंतु उर्वरक के आपूर्ति की इनवॉइस उपलब्ध न होने के कारण वितरण नहीं हो पा रहा है।इस बार निजी क्षेत्र की कंपनी कोरोमंडल की डीएपी समिति पर आई हुई है जिसका वितरण इनवॉइस न होने के कारण नहीं हो पा रहा है।शासन से जैसे ही इनवॉइस उपलब्ध होगा वितरण प्रारंभ किया जाएगा।कमोवेश यही समस्या मिल्कीपुर की मीठेगांव – कुचेरा समिति समेत अन्य समितियां पर भी है।
वहीं दूसरी ओर डीएपी संकट के बीच निजी उर्वरक विक्रेताओं की चांदी कट रही है वे बाजार में 1450 से 1500 रुपए मूल्य तक डीएपी की कालाबाजारी करके बेच रहे हैं। बारुन बाजार के किसान रंगीलाल चौहान ने बताया कि सोमवार दिनभर बारुन समिति पर खाद के इंतजार में बैठे रहने के बाद जब डीएपी नहीं मिली तो वह मजबूरन बाजार में 1450 रुपए देकर डीएपी खरीद कर ला रहे हैं क्योंकि उनकी फसल बुवाई में पिछड़ रही है यदि समय से फसल न बोई गई तो खेतों से नमी खत्म हो जाएगी। बुवाई के ऐन वक्त पर डीएपी न मिलने से किसान पूरी तरह से त्रस्त हैं।
