विधिक अभिमत लेने के बाद भी नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र कार्यालय की मनमानी
1 min readस्थगन आदेश के बाद भी वसूला जा रहा उपविभाजन शुल्क
विधिक अभिमत लेने के बाद भी नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र कार्यालय की मनमानी
सुलतानपुर।
विनियमित क्षेत्र में उपविभाजन शुल्क पर माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन के बावजूद विनियमित कार्यालय सुल्तानपुर द्वारा उपविभाजन चार्ज की की जा रही वसूली। नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र की अध्यक्ष जिलाधिकारी द्वारा उक्त मामले में विधिक अभिमत भी मांगा गया था जिसमें जवाब में जिला शासकीय अधिवक्ता द्वारा स्पष्ट रूप से लिखा गया हैं कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा उपविभाजन चार्ज को स्थगित किया हैं, उपविभाजन शुल्क वसूला जाएगा तो उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होगा। बावजूद इसके विनियमित कार्यालय के जे इ उमेश यादव द्वारा उपविभाजन शुल्क जमा कराया जा रहा हैं।
नियंत्रक प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र की अध्यक्ष जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी और सदस्यों की बैठक का हवाला देकर उपविभाजन शुल्क की वसूली किए जाना का प्रस्ताव पास किए जाने की बात खुद जेई उमेश यादव ने कही लेकिन प्रस्ताव से संबंधित कोई दस्तावेज देने से इनकार कर दिया। उच्चतम न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर उपविभाजन चार्ज जमा करवाना माननीय न्यायालय के आदेश का उल्लंघन हैं।

