February 12, 2026

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आजादी के 77 साल बाद भी दलित बाहुल्य तीन गांवों को नहीं नसीब हुआ आवागमन का रास्ता, कीचड़ में जाने को मजबूर, अधिकारी खामोश

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आजादी के 77 साल बाद भी दलित बाहुल्य तीन गांवों को नहीं नसीब हुआ आवागमन का रास्ता
कीचड़ में जाने को मजबूर तीन सौ परिवारों के लोग
पढने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
जनप्रतिनिधियों के आंखों में पडा पर्दा
मिल्कीपुर अयोध्या
मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में से एक अमानीगंज विकासखंड के राय पट्टी गांव का दृश्य है जहां दलित बाहुल्य गांव करौधिया छोटी करौंधिया लोधन का पुरवा पूरे मछली व पूरे शिवा पांडे गांव में आने जाने के लिए कोई भी रास्ता नहीं है रामनगर चौराहे से बखत तिवारी का पुरवा तक 200 मी पक्की सड़क बनने के बाद गांव को जोड़ने के लिए बनी है इसके आगे जो कच्ची सड़क बनी है वह बरसात में पार करना आसान नहीं है पीली मिट्टी से लगभग बच्चों की साइकिल वहां जाम हो जाती हैं और मोटरसाइकिल से आने वाले लोग फिसल कर गिरने से बच नहीं पाते हैं एक तरफ जहां देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है वही आज भी लोग पुराने जमाने की सड़कों और पगडंडियों के भरोसे अपने घरों से आवागमन करने के लिए मजबूर हैं
ऐसा भी नहीं है कि लोगों ने इसके लिए आवाज ना उठाई हो बार एसोसिएशन मिल्कीपुर के लगातार पांच बार अध्यक्ष रहे खुशीराम पांडे ने इस मामले को मिल्कीपुर के विकास पुरुष कहे जाने वाले अवधेश प्रसाद के सामने उठाया जब वह मंत्री और विधायक थे तब से लेकर अब तक इस पर कोई कार्य नहीं हुआ इसके बाद अवधेश प्रसाद अब जिले के सांसद बन गए हैं लेकिन उसके बाद भी यह काम उनको दिखाई नहीं पड़ा भाजपा विधायक गोरखनाथ बाबा व अमानीगंज के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि पवन सिंह से भी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य पवन पांडे ने इस विषय में चर्चा की लेकिन आश्वासन के अलावा अब तक यहां के निवासियों के लिए सड़क की व्यवस्था नहीं हो पाई ग्रामीण इसके लिए पूर्व सांसद रहे लल्लू सिंह के पास भी गए लेकिन आश्वासन के अलावा कोई काम नहीं हुआ करौंदिया और पूरे मछली व छोटी करौंदिया में कोरी और पासी बिरादरी के 300 परिवार निवास करते हैं जबकि पूरे पांडे में पिछड़ी जाति और ब्राह्मण समाज के लोग निवास करते हैं कुल मिलाकर 300 से 400 परिवारों के आने-जाने के लिए यह सड़क बहुत ही महत्वपूर्ण है और यह कहा जाए कि यह उनके लिए लाइफ लाइन के समान है तो अतिशयोक्ति नहीं होगा पूरे पांडे से लेकर के प्राथमिक विद्यालय पूरे पांडे तक ग्राम पंचायत की तरफ से खड़ंजा लगाया गया है और बीच में लगभग 300 मी मिट्टी पटाई का कार्य हुआ है इसी सड़क पर सबसे बड़ी चुनौती छात्रों के आने-जाने में आती है पास पड़ोस के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र सुबह जब घर से साइकिल लेकर निकलते हैं और दिन में बरसात हो जाती है तो उनके घर के लोग तब तक उनका रास्ता देखते रहते हैं जब तक वो घर पहुँच न जाए एक ओर जहां देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है वही आज भी मिल्कीपुर तहसील के राय पट्टी गांव में ऐसे पुरवे मौजूद हैं जहां आने-जाने के लिए रास्ता ही नहीं है जबकि सरकार प्रधानमंत्री व अन्य सड़कों के लिए रास्तों की खोज करने में लगी रहती है लेकिन यहां इस विषय में किसी का ध्यान नहीं जाता है इस विषय में ग्राम पंचायत रायपटटी के ग्राम प्रधान का रवैया बहुत ही अपेक्षा पूर्ण रहा है दलित समुदाय से आने वाले ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गांव में विकास कार्यों के होने का दम भरते हैं लेकिन जमीन की सच्चाई इससे अलग है जिसे आप संबंधित वीडियो में देख सकते हैं
इन पुरवों में निवास करने वाले मतदाताओं का कहना है कि यदि इस समस्या का निस्तारण समय से नहीं होता है तो आने वाले चुनाव में यह लोग चुनाव का बहिष्कार भी कर सकते हैं गांव के निवासी सुशील कुमार अशोक पवन रामहेर लोटन रामू विधायक रामकुमार उमेश आदि का कहना है कि नेता लोग आश्वासन के अलावा कोई काम नहीं करना चाहते हैं

इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अमानीगंज अखिलेश गुप्ता से जब बात की गई तो उनका कहना था कि प्रकरण आज ही उनके संज्ञान में आया है शीघ्र ही रास्ते को आने-जाने के लिए सुगम बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा

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