न्याय की उम्मीद मे मर गए सैकडो लोग ,32 सालों बाद आया फैसला
1 min readअजमेर

अजमेर के नफीस चिश्ती, सलीम, सोहेल, ज़मीर, इकबाल और नसीम उर्फ टार्ज़न को विशेष POCSO अधिनियम न्यायालय ने दोषी पाया है, ब्लैकमेलिंग से परेशान कई लड़कियों ने की थी आत्महत्या, मामले को दबाने के लिए कई सरकारों ने लगाई थी ताकत
सिर्फ़ हिंदू लड़कियों को बनाया गया निशाना, देश का सबसे बड़ा ब्लैकमेलिंग और सामूहिक दुष्कर्म कांड है अजमेर दरगाह कांड, छोटे से अखबार के पत्रकार ने खुलासा कर हिला दी थी देश के खादीधारियों की कुर्सिया
100 से भी अधिक लड़कियों को ब्लैकमेल करके उनके साथ बलात्कार किया गया था , जिस लड़की का सामूहिक ब्लात्कार किया जाता था उसे उस पर सहेलियों से दोस्ती कराने का दबाव बनाया जाता था
मामला पुराना होने से दो दर्जन से ज्यादा आरोपी हुए बरी, राजस्थान के उस समय के सबसे ताकतवर परिवार अजमेर दरगाह के खादिम के लोग थे ब्लैकमेलिंग और सामूहिक दुष्कर्म मे शामिल रहे। सूत्र पुष्टि नहीं करता
