मुकदमा दर्ज कराने के लिए चौकी व कोतवाली के चक्कर काट रहा रिटायर्ड दरोगा
1 min readमुकदमा दर्ज कराने के लिए चौकी व कोतवाली के चक्कर काट रहा रिटायर्ड दरोगा
फ्रेंचाईजी दिलाने के नाम पर सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक से 1.51 लाख की ठगी से जुड़ा है मामला।
गोण्डा
पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए एक उप निरीक्षक को गोदरेज कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर दो जालसाजों ने 1.51 लाख रुपए ठग लिए। पीड़ित सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक एफआईआर दर्ज करने के लिए चौकी से कोतवाली तक का चक्कर काट रहा है लेकिन पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है।
मामला देहात कोतवाली क्षेत्र के रुपईडीह गाँव से जुड़ा है। यहाँ के रहने वाले पीड़ित सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक दुखहरन प्रसाद का कहना है कि बीते 9 दिसंबर को बाइक सवार दो युवक उनके पास आए और खुद को गोदरेज कंपनी का कर्मचारी बताकर उन्हे कंपनी के खाद बीज,दवा व पशु आहार की फ्रेंचाईजी दिलाने की बात कही।दोनों जालसाजों ने एक फार्म भराते हुए उनसे एक ब्लैंक चेक मांगा। कहा कि चेक पर एक हजार की धनराशि भरकर कंपनी में जमा करना होगा। दुखहरन ने फ्रेंचाईजी के लालच में आकर युवकों को अपना जरूरी दस्तावेज व चेक दे दिया। तीन दिन बाद जालसाज युवक फिर से सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक के पास गए और कहा कि चेक पानी में गिर जाने के कारण खराब हो गया है। इस पर उन्होने युवकों को दूसरा चेक दे दिया। जालसाजों ने चेक में लिखी गयी एक हजार रुपये की धनराशि के आगे 15 की संख्या जोड़कर उसे 1.51 लाख रूपये बना दिया और उपनिरीक्षक के बेटे संदीप का हस्ताक्षर बनाकर दर्जीकुंआ स्थित बैंक की शाखा में पहुंचकर चेक का भुगतान ले लिया। पीड़ित उपनिरीक्षक दुखहरन ने बताया कि इस मामले की शिकायत लेकर वह दर्जीकुंआ स्थित पुलिस चौकी पहुंचे और पूरी घटना बताई लेकिन चौकी इंचार्ज ने उन्हें समझा-बुझाकर कर वापस कर दिया। तब से पीड़ित उपनिरीक्षक चौकी से लेकर थाने तक का चक्कर काट रहा है। लेकिन पुलिस अपने ही विभाग से रिटायर हुए दरोगा की फरियाद नहीं सुन रही है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात अरुण कुमार का कहना है कि तहरीर मिली है और घटना की जांच पड़ताल की जा रही है।
मामला देहात कोतवाली क्षेत्र के रुपईडीह गाँव से जुड़ा है। यहाँ के रहने वाले पीड़ित सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक दुखहरन प्रसाद का कहना है कि बीते 9 दिसंबर को बाइक सवार दो युवक उनके पास आए और खुद को गोदरेज कंपनी का कर्मचारी बताकर उन्हे कंपनी के खाद बीज,दवा व पशु आहार की फ्रेंचाईजी दिलाने की बात कही।दोनों जालसाजों ने एक फार्म भराते हुए उनसे एक ब्लैंक चेक मांगा। कहा कि चेक पर एक हजार की धनराशि भरकर कंपनी में जमा करना होगा। दुखहरन ने फ्रेंचाईजी के लालच में आकर युवकों को अपना जरूरी दस्तावेज व चेक दे दिया। तीन दिन बाद जालसाज युवक फिर से सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक के पास गए और कहा कि चेक पानी में गिर जाने के कारण खराब हो गया है। इस पर उन्होने युवकों को दूसरा चेक दे दिया। जालसाजों ने चेक में लिखी गयी एक हजार रुपये की धनराशि के आगे 15 की संख्या जोड़कर उसे 1.51 लाख रूपये बना दिया और उपनिरीक्षक के बेटे संदीप का हस्ताक्षर बनाकर दर्जीकुंआ स्थित बैंक की शाखा में पहुंचकर चेक का भुगतान ले लिया। पीड़ित उपनिरीक्षक दुखहरन ने बताया कि इस मामले की शिकायत लेकर वह दर्जीकुंआ स्थित पुलिस चौकी पहुंचे और पूरी घटना बताई लेकिन चौकी इंचार्ज ने उन्हें समझा-बुझाकर कर वापस कर दिया। तब से पीड़ित उपनिरीक्षक चौकी से लेकर थाने तक का चक्कर काट रहा है। लेकिन पुलिस अपने ही विभाग से रिटायर हुए दरोगा की फरियाद नहीं सुन रही है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात अरुण कुमार का कहना है कि तहरीर मिली है और घटना की जांच पड़ताल की जा रही है।

