न्यायिक अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर ले लिया साढ़े छह लाख का लोन
1 min readन्यायिक अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर ले लिया साढ़े छह लाख का लोन
न्यायालय के आदेश पर आरोपी कर्मचारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
गोण्डा। जनपद में न्याय विभाग में कार्यरत एक सरकारी चालक ने एक न्यायिक अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक से साढ़े छह लाख रुपये
का लोन ले लिया। बैंक की तरफ से जब प्रपत्रों का सत्यापन कराया गया तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शाखा प्रबंधक ने कर्ज लेने वाले कर्मचारी से बात की तो वह आत्महत्या कर सबको फंसाने की धमकी देने पर उतारू हो गया। मामले में अदालत के आदेश पर आरोपी कर्मचारी के विरुद्ध नगर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक देहात कोतवाली क्षेत्र के शिवनाथ शुक्ला न्याय विभाग में चालक के पद पर कार्यरत हैं। शिवनाथ ने उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था।बैंक ने लोन के लिए जरूरी प्रपत्र मांगे जिसमें वेतन संबंधी कागजात व अन्य अभिलेख शामिल थे। शिवनाथ ने एक न्यायिक अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बैंक को प्रपत्र उपलब्ध करा दिया। बैंक ने उस पर भरोसा कर 6.50 लाख रुपये का लोन पास कर दिया और धनराशि उसके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया। बैंक के शाखा प्रबंधक अजय कुमार का कहना है कि जब संबंधित कर्मचारी के प्रपत्रों का सत्यापन कराया गया तो पता चला कि न्यायिक अधिकारी ने प्रपत्र पर हस्ताक्षर ही नहीं किया है। इस पर जब बैंक के शाखा प्रबंधक ने शिवनाथ से बात की तो उसने आत्महत्या कर सबको फंसाने की धमकी दे डाली। बैंक के अधिवक्ता अजय विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपी शिवनाथ पर कार्रवाई के लिए न्यायालय की शरण ली गई थी। न्यायालय ने आरोपी वाहन चालक कर्मचारी के विरुद्ध नगर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। जिसके क्रम में नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

