खाद की किल्लत के दावों के बीच डीएम का बयान-पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
1 min readजिले में खाद की किल्लत के दावों के बीच डीएम का बयान-पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
ओवररेटिंग और जबरन टैगिंग पर होगी सख्त कार्रवाई,अधिक दाम वसूलने वाले विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी
सुल्तानपुर
सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल के बीच जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने जिले में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने का दावा किया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आधार कार्ड और फार्मर रजिस्ट्री के जरिए अपनी जोत के अनुसार निर्धारित दरों पर खाद खरीदें। खाद की ओवररेटिंग और अन्य उत्पाद जबरन थोपने वाले विक्रेताओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।डीएम के मुताबिक जिले में निजी और सहकारी बिक्री केंद्रों पर डीएपी, एनपीके, सिंगल सुपर फास्फेट और यूरिया उपलब्ध हैं। अब तक 25,075 किसान 2,546 मीट्रिक टन डीएपी खरीद चुके हैं। इसके अलावा 1,688 मीट्रिक टन एनपीके और 45,638 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया है।समितियों की हड़ताल के कारण किसानों को खाद मिलने में परेशानी न हो, इसके लिए पीसीएफ के बफर गोदाम से 48 अधिकृत इफको-कृभको बिक्री केंद्रों पर खाद भेजी जा रही है। इसके तहत 320 मीट्रिक टन इफको डीएपी, 185 मीट्रिक टन कृभको डीएपी और 191 मीट्रिक टन इफको एनपीके आवंटित की गई है।निजी बिक्री केंद्रों पर भी 2,792 मीट्रिक टन डीएपी, 5,245 मीट्रिक टन एनपीके और 6,514 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यूरिया, डीएपी और एनपीके के साथ जिंक, सल्फर, कैल्शियम या अन्य उत्पाद खरीदने के लिए किसानों पर दबाव नहीं बनाया जाए। निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली या जबरन टैगिंग की शिकायत मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई होगी। दोषी विक्रेता का लाइसेंस निरस्त करने की भी चेतावनी दी गई है।सभी विक्रेताओं को पीओएस मशीन से निर्धारित दर पर खाद देने, कैश मेमो उपलब्ध कराने और स्टॉक व रेट बोर्ड अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सहकारी समितियों के हड़ताली सचिवों के खिलाफ निलंबन, विभागीय और विधिक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

