बिना खेत देखे ही फसल नुकसान की रिपोर्ट निस्तारित, किसान ने डीएम से की शिकायत
1 min readराजस्व विभाग का कारनामा: बिना खेत देखे ही फसल नुकसान की रिपोर्ट निस्तारित, किसान ने डीएम से की शिकायत
लेखपाल और राजस्व निरीक्षक घर बैठे ही रिपोर्ट लगा देते हैं”- आईजीआरएस फीडबैक में किसान ने खोली सिस्टम की पोल, मनकापुर तहसील का मामला
गोंडा। योगी सरकार भले ही जन शिकायतों के निस्तारण में स्थलीय जांच और पारदर्शिता का दावा करती हो, लेकिन गोंडा जिले के मनकापुर तहसील में इसका मखौल उड़ाया जा रहा है। ताजा मामला छपिया ब्लॉक का है, जहां एक किसान की फसल बर्बाद होने की शिकायत को बिना खेत पर गए ही निस्तारित कर दिया गया। मामले में पीड़ित किसान शिव मोहन पुत्र अनिल, ग्राम सोनवा, पंचायत बहिरा डीहा, ब्लॉक छपिया, तहसील मनकापुर ने 16-10-2026 को जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस पर शिकायत संख्या 40018326051390 दर्ज कराई थी। किसान ने शिकायत में बताया था कि तेज हवा और अधिक बारिश से गाटा संख्या 172 में लगी धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। फसल का सर्वे कर मुआवजा/राहत दिलाने के लिए उसने लेखपाल से कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप है कि घर बैठे लगा दी रिपोर्ट, खेत तक नहीं आए
पीड़ित किसान का आरोप है कि राजस्व विभाग ने मौके पर बिना आए ही फर्जी आख्या लगाकर उसकी शिकायत को निस्तारित दिखा दिया।
इस लापरवाही से आहत किसान ने 28-10-2026 को आईजीआरएस पर फीडबैक दर्ज कराते हुए लिखा “बिना स्थलीय जांच के लेखपाल व राजस्व निरीक्षक घर बैठे ही रिपोर्ट लगा देते हैं, जांच कर उचित कार्रवाई करें।” अब ऐसे में 5 बड़े सवाल खड़े होते हैं कि जब फसल नुकसान का मामला है तो गाटे का स्थलीय निरीक्षण क्यों नहीं किया गया? बिना फोटो, बिना मुआयना रिपोर्ट के शिकायत निस्तारित कैसे हो गई? क्या मनकापुर तहसील में इसी तरह घर बैठे शिकायतें निस्तारित करने का चलन बन गया है? किसान को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा? जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बाद भी लेखपाल/कानूनगो की मनमानी क्यों? पीड़ित किसान द्वारा जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी से मांग की गई है कि पूरे मामले की दोबारा स्थलीय जांच कराई जाए, संबंधित लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाए और किसान को नियमानुसार फसल क्षति का मुआवजा दिलाया जाए।


