पुनरीक्षण-2026 के बाद विशेष अभियान को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक
1 min readडीएम ने राजनीतिक दलों के साथ की समीक्षा: मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के बाद विशेष अभियान को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक
गोण्डा।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के पश्चात विशेष अभियान के संबंध में विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचक नामावलियों को शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाए रखने तथा विशेष अभियान के अंतर्गत की जाने वाली कार्यवाहियों को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मतदाता सूची की गुणवत्ता बनाए रखने तथा राजनीतिक दलों और निर्वाचन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के संबंध में समीक्षा करना रहा।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाता सूची की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निर्वाचक नामावलियों का शुद्ध एवं अद्यतन होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के पश्चात संचालित विशेष अभियान को गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित करने और सूची को त्रुटिरहित बनाए रखने के उद्देश्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
बैठक में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ विशेष अभियान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। साथ ही निर्वाचन संबंधी कार्यों में आपसी सहयोग, समन्वय तथा सक्रिय सहभागिता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। राजनीतिक दलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं विश्वसनीय बनाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि विशेष अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके। बैठक के माध्यम से निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारु निर्वाचन व्यवस्था के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।

