महुआ विकास खण्ड क्षेत्र को योगी सरकार की बड़ी सौगात
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बांदा के महुआ विकास खण्ड क्षेत्र को योगी सरकार की बड़ी सौगात
3.31 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा संपर्क मार्ग
सहेवा नहर पटरी से प्राचीन जोगनी माता मंदिर तक बनेगी सड़क
योगी सरकार में चमक रहा बांदा के ग्रामीण क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर
बांदा: 18 सितंबर- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के कोने-कोने को बेहतरीन सड़कों और सुगम रास्तों से लगातार जोड़ने का काम कर रही है। इसी क्रम में बांदा जिले को विकास की एक और बड़ी सौगात मिली है। जनपद के महुआ विकास खंड क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध जोगनी माता मंदिर तक जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों का वर्षों पुराना सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के द्वारा सहेवा नहर पटरी से लेकर जोगनी माता मंदिर तक मार्ग का निर्माण कार्य तेज गति से शुरू कर दिया गया है।इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की कुल लागत 3 करोड़ 31 लाख रुपये है। योगी सरकार के इस फैसले से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी एक नई चमक मिलेगी। विभाग द्वारा इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा 1 फरवरी 2027 निर्धारित की गई है।
श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का आसान होगा सफर
जोगनी माता मंदिर क्षेत्र के हजारों लोगों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। हर साल नवरात्र और अन्य विशेष अवसरों पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन अब तक उचित मार्ग न होने के कारण ग्रामीणों और दूर-दराज से आने वाले भक्तों को भारी दिक्कतों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों का सामना करना पड़ता था। विशेषकर बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह बदहाल हो जाता था। इस संपर्क मार्ग के बन जाने से अब जोगनी माता मंदिर तक की राह बेहद आसान, सुरक्षित और समय बचाने वाली हो जाएगी।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और विकास को लगेंगे पंख
इस नए मार्ग के निर्माण से महुआ विकास खंड के दर्जन भर गांवों की कनेक्टिविटी सीधे तौर पर सुधर जाएगी। ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय, जिला अस्पताल और मुख्य बाजारों तक पहुंचने में सुविधा होगी। सड़क बनने से क्षेत्र में छोटे व्यवसायों, दुकानों और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। स्थानीय लोगों ने योगी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह सड़क हमारे क्षेत्र के लिए भाग्य बदलने वाली साबित होगी।
बरहाल पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि निर्धारित समय सीमा यानी 1 फरवरी 2027 तक जनता को यह शानदार तोहफा सौंपा जा सके।

