28 साल पुराने बैनामे में जालसाजी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर तीन के खिलाफ एफआईआर
1 min readकथित हेराफेरी कर करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने का मामला, दो शिक्षक शामिल एक अन्य
गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र में करीब 28 साल पुराने जमीन के बैनामे में कथित हेराफेरी कर करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गोंडा के आदेश पर करनैलगंज कोतवाली में तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में दो लोगों के शिक्षक होने की बात भी सामने आई है।
करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम करुवा पोस्ट उसरैर निवासी रुद्र नारायण सिंह (59) और राम बचन सिंह (54) पुत्रगण देवशरन सिंह ने दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया है कि उन्होंने 9 जुलाई 1998 को ग्राम सकरौरा ग्रामीण, परगना ग्वारिच में स्थित अपनी आराजी की सात गाटा संख्या—3274/2.97, 3279/0.13, 3280/0.62, 3300/0.008, 3301/0.10, 3349/0.62 और 3350/0.53, कुल 5.05 एकड़ में से 1/12 हिस्सा यानी करीब 0.42 एकड़ का बैनामा रामकुमार मौर्या निवासी मोहल्ला बम्पुलुस करनैलगंज और हरि प्रसाद मौर्या निवासी करनैलगंज देहात के पक्ष में किया था। इसका नामांतरण 6 नवंबर 1998 को हो गया था।
सरकारी अभिलेख में हेराफेरी का आरोप
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत उपनिबंधक कार्यालय करनैलगंज में सुरक्षित बैनामे की सरकारी प्रति में भी कथित जालसाजी की। आरोप है कि मूल गाटा संख्या 3280/0.62 को काटकर 3256/4.62 कर दिया गया। इसके साथ ही कुल रकबा 5.05 एकड़ से बढ़ाकर 9.05 एकड़ तथा 1/12 हिस्सा (0.42 एकड़) की जगह 0.85 एकड़ और 5/12 दर्शा दिया गया। पीड़ित के मुताबिक इस कथित जालसाजी का खुलासा 6 दिसंबर 2016 को हुआ, जब गाटा संख्या 3256 की नकल निकलवाई गई। इसमें इंद्रप्रताप सिंह पुत्र माता प्रसाद का नाम दर्ज मिला। पीड़ितों का कहना है कि न तो उन्होंने और न ही इंद्रप्रताप सिंह ने उक्त जमीन का बैनामा किया था। आरोप है कि तीसरे आरोपी के सहयोग से पहले और दूसरे आरोपी ने फर्जी तरीके से जमीन का पुनः नामांतरण अपने नाम करा लिया।
शिकायत पर धमकी देने का आरोप
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए शिकायत करने अथवा जमीन का नाम लेने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों ने आरोपियों पर दबंगई और भूमाफिया प्रवृत्ति का भी आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कृष्ण कुमार मौर्या सरकारी अध्यापक और हरि प्रसाद मौर्य सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। पीड़ितों ने स्थानीय थाने के साथ 22 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक गोंडा से शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। न्यायालय के आदेश पर 16 सितंबर 2026 को करनैलगंज कोतवाली में हरि प्रसाद मौर्य, कृष्ण कुमार मौर्य निवासी करनैलगंज देहात और रामकुमार मौर्य निवासी मोहल्ला बम्पुलुस के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 504 व 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना निरीक्षक रमाशंकर राय को सौंपी गई है। आरोपों की पुष्टि विवेचना के बाद ही हो सकेगी।



