सामाजिक न्याय और आरक्षण की मांगों को लेकर भीम आर्मी ने सौंपा ज्ञापन
1 min readबांदा
बांदा
भीम आर्मी भारत एकता मिशन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सामाजिक न्याय, आरक्षण और वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पिछड़े, अति-पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक उत्थान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है। इसके बावजूद वंचित वर्गों को आज भी भेदभाव, बेरोजगारी, शिक्षा और रोजगार में पर्याप्त अवसर नहीं मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
भीम आर्मी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण और प्रतिनिधित्व से जुड़े UGC नियम 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की। इसके साथ ही पिछड़े वर्गों के उत्थान से जुड़ी आयोग की शेष सिफारिशों को तत्काल लागू करने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में निजी क्षेत्र में SC, ST और OBC के लिए आरक्षण लागू करने, OBC के लिए अलग कॉलम के साथ जातीय जनगणना कराने और EWS आरक्षण की समीक्षा कर उसे समाप्त करने की मांग भी की गई।
संगठन ने दलितों, आदिवासियों और अन्य वंचित समुदायों के साथ होने वाले भेदभाव और अत्याचार की घटनाओं पर तत्काल व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। कहा गया कि पीड़ित परिवारों को सुरक्षा, न्याय और उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा संबंधित कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 15(4), 15(5), 16(4), 340, 341 और 342 का हवाला देते हुए वंचित वर्गों के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश जारी करने की मांग की गई।

