पत्रकार के लापता भाई का 22 दिन बाद भी सुराग नहीं, परिजन परेशान
1 min readमोदीनगर स्टेशन से बाहर निकलकर दूसरे के मोबाइल से किया था आखिरी फोन, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली
कर्नलगंज,गोण्डा।
दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार रमेश पाण्डेय के लापता भाई उसमेक पाण्डेय का 22 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। वह मेरठ स्थित अखबार एवं किताब प्रिंटिंग प्रेस में मशीन ऑपरेटर के रूप में काम करते थे। घर लौटते समय उनका बैग और मोबाइल फोन चोरी हो गया था। इसके बाद उन्होंने मोदीनगर रेलवे स्टेशन से बाहर निकलकर एक व्यक्ति के मोबाइल से अपने भाई को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। उसी के बाद से उनका पता नहीं चल सका।
परिजनों के मुताबिक, 18 अगस्त की शाम उसमेक पाण्डेय ने दूसरे व्यक्ति के मोबाइल से फोन कर बताया था कि उनका बैग और मोबाइल चोरी हो गया है। उन्होंने यह भी बताया था कि उन्होंने खाना नहीं खाया है। इस पर भाई रमेश पाण्डेय ने गूगल-पे के माध्यम से उनके खाते में रुपये भेजे थे। उसमेक ने बताया था कि वह रुपये बाहर स्थित आधार सेंटर से निकाल लेंगे। इसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं हुआ। परिजनों और रिश्तेदारों ने गाजियाबाद, मेरठ, मोदीनगर समेत आसपास के क्षेत्रों और विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में मामला जीआरपी क्षेत्र से बाहर का होने पर मोदीनगर थाना पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। जांच अधिकारी उपनिरीक्षक रोहित गुप्ता ने बताया कि जिस व्यक्ति के मोबाइल से लापता युवक ने आखिरी बार बात की थी, उसे बुलाकर पूछताछ की गई है। सीसीटीवी फुटेज भी ली गई है। मोबाइल की सीडीआर गुरूवार को आने की संभावना है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
उधर, 22 दिन से अधिक समय से भाई के लापता होने से पत्रकार व उसके परिजन, रिश्तेदार और हितमित्र काफी परेशान हैं। परिवार ने पुलिस से जल्द से जल्द उसमेक पाण्डेय की तलाश कर उन्हें सकुशल बरामद कराने की मांग की है।


