नगर पालिका में “रेट” तय, गाटा बचाने के लिए 20 हजार दो वरना फाइल दबा देंगे – प्रधान का आरोप
1 min readसमाधान दिवस में खुली नगर पालिका की पोल: गाटा संशोधन के नाम पर प्रधान से मांगे 20 हजार रिश्वत, दिए 5 हजार
करनैलगंज नगर पालिका में “रेट” तय? गाटा बचाने के लिए 20 हजार दो वरना फाइल दबा देंगे – प्रधान का आरोप
गोण्डा।
करनैलगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में नगर पालिका परिषद करनैलगंज के एक कर्मचारी की करतूत उजागर हुई है। गाटा संख्या संशोधन के नाम पर कर्मचारी ने ग्राम प्रधान से 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी। पैसे न देने पर फाइल दबाने की धमकी भी दी गई। ग्राम कादीपुर रग्घापुरवा के निवासी व प्रधान जयप्रकाश सिंह पुत्र चंद्रकेश सिंह ने समाधान दिवस में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ग्राम की गाटा संख्या 375, 116, 117, 118, 124 आदि को गलत तरीके से नगर पालिका करनैलगंज की मकान गणना और नक्शे में शामिल कर लिया गया है। जबकि ये गाटाएं नगर पालिका की सीमा विस्तार में आती ही नहीं हैं। इन्हें दोबारा ग्राम कादीपुर के अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए प्रधान नगर पालिका कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी शिवकुमार बाबू से मिले। आरोप है कि शिवकुमार बाबू ने सीधे कहा – “मामला गंभीर है। अधिकारियों को मैनेज करना पड़ेगा। इसके लिए 20 हजार रुपये दो तभी काम होगा। नहीं तो एप्लीकेशन देते रहो, कुछ नहीं होगा।”
5000 लिए, बाकी के लिए लटका दिया काम- पीड़ित जयप्रकाश सिंह
पीड़ित प्रधान ने बताया कि विवश होकर उन्होंने 5 हजार रुपये शिवकुमार बाबू को दे भी दिए। लेकिन शेष 15 हजार न दे पाने के कारण अब उक्त गाटाओं को ग्राम कादीपुर के अभिलेखों में नहीं रहने दिया जा रहा है।
प्रधान जयप्रकाश सिंह ने डीएम से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत तरीके से नगर पालिका में शामिल की गई गाटाओं को तुरंत ग्राम कादीपुर के राजस्व अभिलेखों में वापस दर्ज किया जाए।
प्रशासन मौन
इस संबंध में नगर पालिका परिषद करनैलगंज के संबंधित कर्मचारी और प्रशासन का पक्ष खबर लिखे जाने तक नहीं मिल सका।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद क्षेत्र में नगर पालिका कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आम जनता के काम रिश्वत के बिना नहीं होते। महादेव मौर्या


