63.50 करोड़ की बकाया वसूली को लेकर डिस्कॉम का बड़ा अभियान, 7,633 कटे कनेक्शनों वाले परिसरों की होगी भौतिक जांच
1 min readधौलपुर राजस्थान।
63.50 करोड़ की बकाया वसूली को लेकर डिस्कॉम का बड़ा अभियान, 7,633 कटे कनेक्शनों वाले परिसरों की होगी भौतिक जांच,
20 विजिलेंस टीमों को सौंपी जिम्मेदारी, अवैध बिजली उपयोग मिला तो होगी एफआईआर और VCR की कार्रवाई,
धौलपुर,
धौलपुर जिले में बिजली बिल बकायेदारों के खिलाफ डिस्कॉम ने अब तक का सबसे बड़ा जांच अभियान शुरू कर दिया है। पिछले दो वर्षों में 50 हजार रुपये से अधिक बकाया होने पर काटे गए 7,633 बिजली कनेक्शनों वाले परिसरों की अब भौतिक जांच कराई जाएगी। इसके लिए 20 विजिलेंस टीमों का गठन किया गया है, जो अगले 15 दिनों तक जिलेभर में अभियान चलाकर निरीक्षण करेंगी।
डिस्कॉम के अनुसार इन कटे हुए कनेक्शनों पर करीब 63.50 करोड़ रुपये की बकाया राशि लंबित है। विभाग का कहना है कि संबंधित उपभोक्ताओं से कई बार बकाया जमा कराने के लिए तगादा किया गया, विशेष वसूली शिविर भी लगाए गए, लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने भुगतान नहीं किया।
बिजली चोरी मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई,
जांच के दौरान यदि किसी परिसर में बिजली कनेक्शन कटने के बावजूद अवैध रूप से बिजली का उपयोग होता मिला तो संबंधित उपभोक्ता अथवा गैर-उपभोक्ता के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा। साथ ही विजिलेंस टीम मौके पर वीसीआर (VCR) भरकर नियमानुसार जुर्माना एवं अन्य कानूनी कार्रवाई करेगी।
राजस्व वसूली और बिजली चोरी रोकना उद्देश्य
डिस्कॉम अधिकारियों का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबित राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना और बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा किए बिना दोबारा बिजली का उपयोग करना कानून का उल्लंघन है।
एसई विवेक शर्मा की अपील,
अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा ने बड़े बकायेदारों से अपील करते हुए कहा कि वे तत्काल अपनी पुरानी बकाया राशि जमा कर वैधानिक प्रक्रिया के तहत नया बिजली कनेक्शन प्राप्त करें। अन्यथा जांच के दौरान बिजली चोरी पाए जाने पर विजिलेंस कार्रवाई, एफआईआर और आर्थिक दंड जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिस्कॉम का यह विशेष अभियान जिले के बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसने के साथ-साथ बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

