मातृत्व सेवाओं की समीक्षा, हाई रिस्क गर्भवतियों के समय पर रेफरल और एसओपी लागू करने के दिए निर्देश,
1 min readमुख्य सचिव ने सुरक्षित मातृत्व सेवाओं की समीक्षा, हाई रिस्क गर्भवतियों के समय पर रेफरल और एसओपी लागू करने के दिए निर्देश,
धौलपुर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदेश में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं की समीक्षा करते हुए गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए रेफरल परिवहन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षित प्रसव एवं जननी एक्सप्रेस सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों सहित परिपत्र जारी करने तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को संभावित प्रसव तिथि से एक-दो दिन पहले ही उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करने के निर्देश दिए।स्वास्थ्य भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने मातृ मृत्यु के मामलों, गर्भवती महिलाओं में एनीमिया एवं हाईपरटेंशन के उपचार, ‘प्रसव सखी’ पहल, 104 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं तथा उपचार व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने एनीमिया एवं हाईपरटेंशन के उपचार और प्रबंधन के लिए पूरे प्रदेश में एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने के निर्देश भी दिए।मुख्य सचिव ने कहा कि रक्त की उपलब्धता के अभाव में किसी भी गर्भवती महिला की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जरूरत वाले क्षेत्रों में विशेष रक्तदान शिविर आयोजित करने तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, सीएमएचओ और आरसीएचओ से उपचार प्रबंधन, आईसीयू सुविधाओं और प्रसव संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने ‘प्रसव सखी’ पहल, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की निगरानी और गंभीर एनीमिया को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राजस्थान हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी और चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

