जंतर-मंतर पर छात्रों एवं युवाओं की हुंकार, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सरकार से जवाब दो
1 min read नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों को बड़ा समर्थन मिला।
शांतिपूर्ण आंदोलन में अयोध्या जनपद के ब्लॉक प्रमुख हैरिंग्टनगंज अंकुर सेन यादव ने छात्रों के संघर्ष के प्रति एकजुटता जताते हुए शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि देश का युवा किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहा, बल्कि निष्पक्ष परीक्षाएं, समयबद्ध भर्तियां, समान अवसर और सम्मानजनक रोजगार चाहता है।
लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक, वर्षों तक अटकी भर्ती प्रक्रियाएं, सरकारी विभागों में खाली पड़े पद और महंगी होती शिक्षा ने करोड़ों युवाओं के सपनों को गहरी चोट पहुंचाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा पर लगातार घटते निवेश, सरकारी विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की अनदेखी तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है।
उनका कहना था कि यदि शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी तो देश का भविष्य भी प्रभावित होगा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा मजबूत होगी और युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिलेंगे।
उन्होंने सरकार से मांग की कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, सभी रिक्त पदों पर शीघ्र और पारदर्शी नियुक्तियां हों, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की जाए और किसी भी विद्यार्थी का भविष्य भ्रष्टाचार, अव्यवस्था या लापरवाही की भेंट न चढ़ने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि देश का युवा अब अपने अधिकारों के लिए जाग चुका है और शिक्षा व रोजगार के सवाल पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहा है।
इस संघर्ष में विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़े रहने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।

