कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में मौत, कड़ी सुरक्षा में हुआ अंतिम संस्कार गांव बना पुलिस छावनी
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धौलपुर राजस्थान
चंबल क्षेत्र के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की मौत के बाद बुधवार को धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित भवुतीपुरा गांव में उसका अंतिम संस्कार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
जगन गुर्जर का शव बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उसके पैतृक गांव भवुतीपुरा पहुंचा, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद श्मशान घाट पर उसके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, लाल सिंह और पान सिंह को एसटीएफ की कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया। तीनों को अलग-अलग वाहनों से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया गया और अंतिम संस्कार के बाद पुलिस सुरक्षा में वापस ले जाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिले के 9 थानों की पुलिस, एसटीएफ और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात रहे। करीब 100 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की मौत हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद एक अन्य आरोपी विष्णु ने तौलिये से गला दबाकर उसकी हत्या की। घटना के बाद परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
मंगलवार को प्रशासन और परिजनों के बीच हुई वार्ता के बाद पांच बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। सहमति में परिवार को सुरक्षा, जगन के भाई पप्पू गुर्जर को अन्य जेल में स्थानांतरण, जेल स्टाफ की जांच और दोषियों पर कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल रहे।
बताया जाता है कि जगन गुर्जर धौलपुर के भवुतीपुरा गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या, अपहरण, डकैती, फिरौती और लूट जैसे 100 से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। चंबल क्षेत्र में लंबे समय तक उसका नाम अपराध जगत में चर्चा का विषय रहा।
धौलपुर राजस्थान से विजय शर्मा की रिपोर्ट


