टूटी पुलिया और जर्जर सड़कों को लेकर प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम,
1 min readसड़क निर्माण में लापरवाही पर बढ़ा जनाक्रोश,
टूटी पुलिया और जर्जर सड़कों को लेकर प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम,
बाड़ी, धौलपुर
क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सार्वजनिक सुविधाओं की अनदेखी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राम खानपुर मीणा में क्षतिग्रस्त पुलिया तथा धौलपुर शहर में खुदी और जर्जर सड़कों को लेकर संबंधित विभाग को शिकायत भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार ग्राम खानपुर मीणा में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के तहत नई सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण के दौरान सड़क मार्ग पर नाले के ऊपर बनी पुरानी पुलिया को ठेकेदार द्वारा तोड़ दिया गया, जिसके बाद पुलिया क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी हुई है। इससे ग्रामीणों के आवागमन में भारी परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है। वर्षा के दौरान नाले में पानी का बहाव बढ़ने से ग्रामीणों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ सकता है। लोगों ने दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई है।
वहीं दूसरी ओर धौलपुर शहर में कोतवाली से महाराज बाग चौराहा तक लंबे समय से सड़क खुदी हुई पड़ी है, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा बसेड़ी रोड पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिनके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
शिकायत में कांग्रेस जनप्रतिनिधियों में रामवीर पोसवाल, रामेंद्र मीना , अनिल अरेला, दिनेश आर्य, मनीष मंगल ,जगन मीणा, परवेश पठान, अभिषेक यादव, अमर सिंह पोसवाल, सहित उपस्थिति अनेक कांग्रेस जनों ने यह भी आरोप लगाया गया है कि वर्तमान में चल रहे सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई स्थानों पर निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़कें क्षतिग्रस्त होने लगी हैं, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संदेह के घेरे में आ गई है।
मामले को लेकर अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), धौलपुर से मांग की गई है कि खानपुर मीणा की क्षतिग्रस्त पुलिया का शीघ्र निर्माण या मरम्मत, कोतवाली से महाराज बाग चौराहा तक सड़क निर्माण, बसेड़ी रोड के गड्ढों की तत्काल मरम्मत तथा चल रहे निर्माण कार्यों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए।
साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


