August 10, 2026

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कबीर आश्रम नौगवां में उत्तराधिकार को लेकर विवाद, साधुओं ने डीएम से लगाई गुहार, फर्जी दस्तावेज से कब्जे, लूटपाट का आरोप

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बांदा

जिला कलेक्ट्रेट परिसर कार्यालय बांदा पहुंचे नौगवां स्थित 1008 श्री शीतलदास साहब कबीर आश्रम के उत्तराधिकार को लेकर विवाद गहरा गया है। आश्रम के साधुओं ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि दिवंगत महंत मोहनदास के 30 जनवरी 2026 के असली उत्तराधिकार पत्र को छिपाकर 21 जनवरी 2026 का फर्जी दस्तावेज तैयार कर आश्रम पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। साधुओं ने सोना-चांदी, नकदी और फसल लूटने तथा फायरिंग कराने का भी आरोप लगाया है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, कबीर आश्रम नौगवां के महंत मोहनदास साहब का 20 फरवरी 2026 को निधन हो गया था। उनके साथ आश्रम में कोठारी पुजारीदास साहब, गोपालदास साहब, रामबाबू साहब और गौरीदास साहब रहते थे।

साधुओं का आरोप है कि महंत के निधन के बाद कुछ लोगों ने तत्कालीन एसडीएम नरैनी और थानाध्यक्ष कालिंजर के सहयोग से मध्य प्रदेश के रविशंकर द्विवेदी के नाम 21 जनवरी 2026 का फर्जी उत्तराधिकार पत्र बनवा लिया। जबकि महंत ने 30 जनवरी 2026 को बांदा में इलाज के दौरान पुजारीदास साहब के नाम असली उत्तराधिकार पत्र बनवाया था, जिसे लूट के दौरान छिपा दिया गया।

शिकायत में कहा गया कि कब्जे के दौरान आश्रम में रखे कई किलो सोने-चांदी के आभूषण, लगभग 15 लाख रुपये नकद और 115 बीघे में लगी फसल जबरन कटवाकर बेच दी गई। 8 मार्च 2026 को आश्रम में फायरिंग भी की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 23 जून 2026 को भी पुलिस की मौजूदगी में आश्रम का गल्ला चोरी कर बेचा गया और कमरे पर जबरन ताला लगा दिया गया।
साधुओं के अनुसार उन्होंने 23 फरवरी से 4 मई 2026 के बीच कई बार डीएम समेत जिले के उच्चाधिकारियों से शिकायत की, पर स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि फर्जी जांच रिपोर्ट भेजकर मामले को दबाया जा रहा है।

साधु संतों ने डीएम से 30 जनवरी 2026 के असली उत्तराधिकार पत्र के आधार पर आश्रम का कब्जा दिलाने, लूटी गई संपत्ति वापस कराने, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और कृषि भूमि को जबरन जोतने-बोने पर रोक लगाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है।

25 जून 2026 को दिया गया यह प्रार्थना पत्र डीएम कार्यालय को प्राप्त हो चुका है। मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई का इंतजार है।

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