महिला शक्ति बनी बदलाव की धुरी: विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र, स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान
1 min readमहिला शक्ति बनी बदलाव की धुरी: विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र, स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान
मसौधा अयोध्या
मॉडल कल्याणी प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति के सफलतापूर्वक पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित विशेष बैठक में क्षेत्रीय विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ग्रामीण भारत की असली ताकत गांव की महिलाएं हैं और उनका आर्थिक रूप से सशक्त होना प्रदेश और देश की प्रगति का आधार है।
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों ने हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है। अब समय आ गया है कि प्रत्येक परिवार को इस अभियान से जोड़ा जाए, संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत किया जाए तथा महिलाओं की आजीविका गतिविधियों का विस्तार कर उन्हें आर्थिक रूप से और अधिक सक्षम बनाया जाए।
उन्होंने युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर जोर देते हुए बताया कि प्रत्येक बुधवार को मसौधा खंड विकास अधिकारी कार्यालय में युवा उद्यमी ऋण शिविर आयोजित किया जाता है। इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष के पात्र युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹50 हजार से ₹5 लाख तक का ऋण, चार वर्ष तक ब्याज सहायता तथा ₹50 हजार तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। विधायक ने अधिक से अधिक युवाओं से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की।
बैठक में स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक शुक्रवार बैंक शाखाओं में सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) शिविर आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही महिलाओं और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और प्रभावी एवं व्यापक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) संतोष पाण्डेय, खंड मिशन प्रबंधन इकाई मसौधा के सूर्यभान यादव, निधि श्रीवास्तव सहित स्वयं सहायता समूहों की पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सदस्य महिलाएं मौजूद रहीं।
बैठक का समापन महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और ग्रामीण विकास को नई गति देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। विधायक ने विश्वास जताया कि यदि स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा।

