2027 का चुनावी रण हुआ दिलचस्प,भाजपा नेता ओमप्रकाश पांडेय ‘बजरंगी’ की बढ़ती सक्रियता से विपक्ष की बढ़ी चिंता
1 min read2027 का चुनावी रण हुआ दिलचस्प
भाजपा नेता ओमप्रकाश पांडेय ‘बजरंगी’ की बढ़ती सक्रियता से विपक्ष की बढ़ी चिंता
जनपद की चर्चित इसौली विधानसभा सीट पर वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
इसौली सुलतानपुर

बीजेपी, समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस समेत सभी प्रमुख दलों ने अभी से अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में भाजपा के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश पांडेय ‘बजरंगी’ सबसे मजबूत दावेदारों में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
क्षेत्र में उनकी लगातार सक्रियता, संगठन पर मजबूत पकड़ और जनता के बीच बढ़ता जनसंपर्क विपक्षी दलों की चिंता का कारण बन रहा है।
जहां पर राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इसौली सीट पर भाजपा की राजनीति लंबे समय से ओमप्रकाश पांडेय ‘बजरंगी’ के इर्द-गिर्द केंद्रित रही है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए उम्मीदवार बनाया था उस चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी को कड़ी टक्कर दी थी और बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
हालांकि चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने क्षेत्र से दूरी नहीं बनाई और लगातार जनता के बीच सक्रिय बने रहे।
बजरंगी की सबसे बड़ी ताकत भाजपा संगठन, विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। पार्टी नेतृत्व से करीबी संबंधों के चलते वे भाजपा के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
यही कारण था कि पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर भारी खींचतान के बावजूद अंततः पार्टी नेतृत्व ने उन पर ही भरोसा जताया था।
गौरतलब है कि पिछली बार भाजपा टिकट के लिए कई दिग्गज नेता मैदान में थे इनमें रामचंद्र मिश्र, त्रिलोकचंदी, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश पांडेय, वरिष्ठ भाजपा नेत्री बबीता तिवारी और विकास शुक्ला जैसे नाम चर्चा में रहे।
इसी बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री जयनारायण तिवारी के भाजपा में शामिल होने से टिकट की लड़ाई और भी रोचक हो गई थी।
उस दौरान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में टिकट को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं। कभी किसी नेता का टिकट तय होने की खबर सामने आती, तो कभी नेताओं के एबी फार्म लेने लखनऊ पहुंचने की चर्चाओं ने माहौल गर्माए रखा।
अंततः भाजपा नेतृत्व ने ओमप्रकाश पांडेय ‘बजरंगी’ को उम्मीदवार घोषित किया।
अब 2027 के चुनाव को लेकर बजरंगी समर्थक पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं बीजेपी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जनता से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं और गरीबों, किसानों, युवाओं तथा महिलाओं के बीच पार्टी की योजनाओं को पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इसी तरह ओमप्रकाश पांडेय ‘बजरंगी’ की सक्रियता बनी रही, तो इसौली विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला बेहद रोमांचक हो सकता है।
फिलहाल सपा, बसपा और कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों के सामने भाजपा नेता बजरंगी एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
