नवागत डीएम के नाम पर फिर सक्रिय हुआ दरबारी तंत्र, प्रशासन ने दिखाई सख्ती
1 min readसुल्तानपुर
नवागत डीएम के नाम पर फिर सक्रिय हुआ दरबारी तंत्र, प्रशासन ने दिखाई सख्ती
सुलतानपुर में नवागत जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के कार्यभार संभालते ही जिले के कुछ स्वयंभू मठाधीश पत्रकारों की बेचैनी सामने आने लगी है। बिना किसी आधिकारिक सूचना, निमंत्रण या जिला सूचना विभाग की जानकारी के कुछ चुनिंदा लोग डीएम कार्यालय पहुंच गए और इसे मुलाकात का नाम देने लगे।
सूत्रों के अनुसार, जब नवागत डीएम इंद्रजीत सिंह ने मौजूद लोगों से पूछा कि अगर यह प्रेस वार्ता है तो जिले के प्रमुख समाचार पत्रों, चैनलों और अन्य संस्थानों के पत्रकार कहां हैं? तब तथाकथित मठाधीशों के पास कोई जवाब नहीं था। बाद में इसे केवल औपचारिक मुलाकात बताकर मामला संभालने की कोशिश की गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला सूचना अधिकारी को ही किसी बैठक या मुलाकात की जानकारी नहीं थी, तो फिर यह विशेष टोली आखिर किस बुलावे पर डीएम कार्यालय पहुंची? क्या यह प्रशासन पर पुराने ढर्रे की तरह दबाव बनाने की कोशिश थी?
जानकारों का मानना है कि जिले में वर्षों से कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ में अपना प्रभाव जमाने और अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास करते रहे हैं। लेकिन नवागत डीएम इंद्रजीत सिंह ने शुरुआत में ही साफ संकेत दे दिया है कि व्यवस्था अब पारदर्शिता और संस्थागत प्रक्रिया से चलेगी, न कि चापलूसी और गुटबाजी से।
डीएम का यह सवाल ही बहुत कुछ कह गया कि पत्रकार वार्ता होती तो सभी मीडिया संस्थानों को बुलाया जाता। इससे साफ है कि प्रशासन निष्पक्ष संवाद चाहता है, न कि चुनिंदा लोगों की दरबारी राजनीति।
अब जिले में चर्चा इस बात की है कि जो लोग समय-समय पर दूसरों पर आरोप लगाते रहे, वही खुद बिना बुलावे सरकारी दफ्तर पहुंचकर कौन सी नैतिकता निभा रहे थे?

