नमो कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर के 35 युवाओं के सपनों को मिली उड़ान, 100% जॉब प्लेसमेंट के साथ प्रथम बैच का समापन
1 min readबांदा
नोएडा की प्रतिष्ठित कंपनी में 28 प्रशिक्षुओं ने पाई नौकरी, मुख्य अतिथि ने वितरित किए प्रमाण पत्र
नमो सेंटर और हेड हेल्ड हाई संस्था की ओर से युवाओं को दिया गया नि:शुल्क प्रशिक्षण और किट
बांदा। स्थानीय ‘नमो कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर’ द्वारा ‘हेड हेल्ड हाई’ संस्था के सहयोग से संचालित नि:शुल्क कौशल विकास एवं रोजगार गारंटी कार्यक्रम के प्रथम बैच का भव्य समापन मंगलवार को हुआ। 45 दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 35 छात्र-छात्राओं को एक समारोह के दौरान प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री संतोष राजपूत मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के साथ मिला रोजगार का तोहफा
संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर वीरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि इस बैच के 28 छात्र-छात्राओं का चयन नोएडा की नामचीन कंपनी ‘कोजेंट ई-सर्विसेज लिमिटेड’ (Cogent E Services Limited) में हो चुका है, जहां उन्होंने अपनी जॉइनिंग भी ले ली है। शेष छात्र जो स्थानीय स्तर पर कार्य करना चाहते हैं, उनके लिए भी संस्था जॉब प्लेसमेंट की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रही है। श्री साहू ने दोहराया कि संस्था का मुख्य लक्ष्य युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें 100% रोजगार दिलाना है, जिसके लिए पूरी टीम प्रतिबद्ध है।
मेधावी प्रशिक्षुओं का सम्मान
ट्रेनिंग के दौरान असाधारण प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं में रचना देवी, सरिता देवी, श्वेता देवी, एकानंद अमित, आदित्य, आशीष मिश्रा और हर्षित को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। संस्थान की ओर से बताया गया कि जो छात्र पारिवारिक कारणों से अभी कार्यभार नहीं संभाल पा रहे हैं, उन्हें भविष्य में अवसर प्रदान किया जाएगा।
नि:शुल्क सुविधाओं से सशक्त हुए युवा
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि छात्रों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया गया। प्रशिक्षण की शुरुआत में ही प्रत्येक छात्र को आईडी कार्ड, स्टेशनरी और फुल ड्रेस (टाई, पैंट-शर्ट) नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई।
इस अवसर पर अध्यापक अंकुर सेन, पुष्कर सिंह, पूजा देवी और विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने वाले कुशल ट्रेनर बृजभूषण सर सहित संस्थान के समस्त छात्र उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि श्री संतोष राजपूत ने संस्थान के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे युवाओं के स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

