यूजीसी मामले और सवर्ण के हितों के लिए आवाज उठा रही समाजसेवी अर्चना तिवारी हाउस अरेस्ट
1 min readमहामहिम राष्ट्रपति के आगमन पर पुलिस ने अर्चना तिवारी को किया हाउस अरेस्ट
अयोध्या

आज मां दुर्गा के पावन पर्व पर जब दो मातृ-शक्ति महामहिम राष्ट्रपति और समाजसेवी अर्चना तिवारी का मिलन होना था तब प्रशासन ने सहयोग के बजाय हाउस अरेस्ट का रास्ता चुना। यूजीसी मामले में श्रवण हितों की 5 सूत्रीय मांगों को केंद्र तक पहुँचाने के लिए अर्चना तिवारी ने पूर्व में प्रशासन से शांतिपूर्ण ढंग से अनुमति भी मांगी थी।इसके बावजूद आज कोर्ट में चल रही अहम सुनवाई के बीच उन्हें घर पर ही कैद कर दिया गया। एक महिला को राष्ट्रपति महोदय तक अपनी बात पहुँचाने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। आखिर प्रशासन एक निहत्थी महिला की अहिंसक आवाज से इतना भयभीत क्यों है कि उन्हें घर से निकलने तक की अनुमति नहीं दी गई
