ईरान पर हमले के विरोध में गोंडा में वामपंथी दलों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
1 min readगोण्डा।
ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और विश्व स्तर पर बढ़ते युद्ध के माहौल के विरोध में जनपद के वामपंथी दलों ने प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा। प्रदर्शन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) – सीपीआईएम और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अमेरिका-इजराइल के साम्राज्यवादी गठजोड़ द्वारा ईरान पर किया गया हमला निंदनीय है और इससे विश्व शांति को खतरा पैदा हो रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण की तरह किए जा रहे व्यापार समझौते को रद्द किया जाए। साथ ही बीज बिल विधेयक 2025, चार लेबर कोड और इलेक्ट्रिसिटी विधेयक 2025 को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0 और अन्य प्रस्तावित विधेयकों को वापस लेने की भी मांग की गई।
वामपंथी नेताओं ने कहा कि ईरान पर हमले में निर्दोष नागरिकों और बच्चों की मौत हो रही है। उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही मध्य पूर्व एशिया सहित विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था करने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने घरेलू और कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में की गई वृद्धि वापस लेने, गरीबों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई रोकने तथा भूमिहीनों को आवास के लिए जमीन आवंटित करने की भी मांग उठाई। इस मौके पर ईश्वर शरण शुक्ला (जिला मंत्री, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी), कौशलेंद्र पांडेय (जिला मंत्री, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी गोंडा-बलरामपुर), जमाल (जिला मंत्री, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माले), कामरेड सत्यनारायण त्रिपाठी, मुन्ना राम गौतम, रविशंकर विश्वकर्मा, अमित शुक्ला, आनन्द प्रकाश त्रिपाठी, सुरेश कनौजिया, रामगोविन्द, राजीव सिंह, रमेश चौबे, सत्यपाल, लाल कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

