March 8, 2026

Awadh Speed News

Just another wordpress site

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला विधिक जागरूकता शिविर का किया आयोजन

1 min read
Spread the love

सचिव रेखा यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के उपलक्ष्य में महिला सप्ताह के तहत विधिक जागरूकता शिविर का किया आयोजन
महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों के बारे में दी जानकारी
धौलपुर, राजस्थान ।

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजीव मागो के मार्गदर्शन में सचिव रेखा यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के उपलक्ष्य में महिला सप्ताह के तहत महिला अधिकारिता विभाग में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया एवं महिलाओं को विधिक अधिकारों की दी जानकारी साथ ही महिलाओं के अधिकारों की शपथ भी दिलवाई।
इस अवसर पर सचिव ने उपस्थित महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए नालसा, रालसा व डालसा की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। साथ हीं महिला अधिकारों, महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों तथा निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समानता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है तथा इसके लिए महिलाओं का अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। साथ ही महिलाओं के लिए कानूनी अधिकारों जैसे यदि किसी महिला के साथ घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक शोषण या किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होता है तो वह घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत न्याय प्राप्त कर सकती है। इस कानून के अंतर्गत पीड़ित महिला को सुरक्षा, निवास, भरण-पोषण तथा अन्य कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। इसके अतिरिक्त दहेज प्रथा के दुष्परिणामों और उससे संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए बताया गया कि दहेज निषेध अधिनियम 1961 के अंतर्गत दहेज लेना और देना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं। यदि किसी महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है तो वह पुलिस या न्यायालय में शिकायत कर सकती है। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के विषय में बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम 2013 के अंतर्गत किसी भी कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न करना कानूनन अपराध है तथा इसके विरुद्ध शिकायत करने के लिए आंतरिक शिकायत समिति एवं जिला स्तरीय समिति का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त उपस्थित महिलाओं को बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के अंतर्गत सभी महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। महिलाएं किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, संपत्ति विवाद या अन्य मामलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता एवं कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकती हैं।
इसके अतिरिक्त महिलाओं को महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, महिला परामर्श केंद्र तथा अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया कि यदि किसी महिला को तत्काल सहायता की आवश्यकता हो तो वह महिला हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकती है तथा वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से कानूनी, चिकित्सा एवं मनोवैज्ञानिक सहायता प्राप्त की जा सकती है।
साथ ही सचिव ने महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और कानूनी जागरूकता के महत्व के बारे में भी बताया तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर स्टेनो राहुल डंडौतिया, वरिष्ठ सहायक जगदीश सिंह जादौन, सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग भूपेश गर्ग, मांगीलाल सहायक लेखाधिकारी, ममता जैन सुपरवाइजर, कनुप्रिया कौशिक, जेंडर स्पेशलिस्ट नरेंद्र मीना सहायक प्रशासनिक अधिकारी, योगेश चौधरी सुपरवाइजर, भगवान सिंह अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी, अजय मीना कनिष्ठ लेखाकार आदि उपस्थित रहे।

ब्यूरो विजय शर्मा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *