राम मंदिर परिसर में पहली बार होगा संघ का घोष वादन
1 min readअयोध्या

अयोध्या के राम मंदिर परिसर में 22 फरवरी को एक विशेष आयोजन होने जा रहा है, जब पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोष वादन श्रीराम जन्मभूमि परिसर में प्रस्तुत किया जाएगा। यह कार्यक्रम 21 से 23 फरवरी तक आयोजित रामार्चनम के अंतर्गत रखा गया है। दिल्ली प्रांत से आए 230 स्वयंसेवक रामपथ पर पथ संचलन करते हुए राम मंदिर पहुंचेंगे और वहां घोष वादन की प्रस्तुति देंगे।
20 फरवरी को स्वयंसेवकों का दल रामनगरी पहुंचेगा। 21 फरवरी को अभ्यास सत्र आयोजित होगा, जबकि 22 फरवरी को मुख्य कार्यक्रम होगा। घोष दल नगाड़ा, तुरही, शंख, बांसुरी, शृंग सहित पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से प्रस्तुति देगा। यह वादन सैन्य बैंड की शैली में निर्धारित धुनों और तालों पर आधारित होगा। कार्यक्रम के लिए विशेष धुन तैयार की गई है।
संघ परंपरा में घोष वादन को अनुशासन, सामूहिक समन्वय और संगठन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। सैकड़ों स्वयंसेवक एक साथ लयबद्ध कदमताल और वादन करते हुए पूर्ण गणवेश में प्रस्तुति देंगे। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। आयोजन के माध्यम से यह संदेश भी दिया जाएगा कि राम मंदिर आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और संगठनात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक बन रहा है।
इस कार्यक्रम की तैयारी पिछले तीन महीनों से जारी थी। नियमित अभ्यास सत्रों और समन्वय बैठकों के माध्यम से प्रस्तुति की रूपरेखा तैयार की गई। पथ संचलन के मार्ग, समय निर्धारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत योजना बनाई गई है, ताकि आयोजन अनुशासित और गरिमामय ढंग से संपन्न हो सके।
