स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का हुआ शुभारंभ,जागरूकता रथ किया रवाना, छात्राओं ने निकाली रैली
1 min readधौलपुर राजस्थान।
स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का हुआ शुभारंभ
जागरूकता रथ किया रवाना, छात्राओं ने निकाली रैली
कार्यशाला में कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों का किया अभिनंदन, कुष्ठ के लक्षणों और उपचार पर की चर्चा
धौलपुर, 30 जनवरी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर कुष्ठ रोग के प्रति आमजन को सचेत करने हेतु जागरूकता रथ को रवाना किया गया। साथ ही एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं द्वारा रैली भी निकाली गई। जागरूकता रथ और रैली को को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मसिंह मीणा मीणा तथा उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ चेतराम मीणा ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। हाथ मिलाएं, कुष्ठ रोग मिटाएं, एमडीटी खाएं और कुष्ठ रोग भगाएं जैसे नारों के माध्यम से आमजन को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक किया। इसके पश्चात एएनएमटीसी पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा कुष्ठ रोग के लक्षण, पहचान तथा उपचार के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. मीणा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। 13 फरवरी तक चलने वाले जागरूकता अभियान के तहत जिले भर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और आमजन को कुष्ठ रोग कुष्ठ रोगियों से व्यवहार के प्रति जागरूक किया जाएगा। नोडल अधिकारी डॉ. चेतराम मीणा ने कहा कि आमजन कुष्ठ रोग के बारे में पूरी जागरूकता बरतें और कुष्ठ रोग की जांच आवश्यक रूप से करवाएं एवं कुष्ठ रोगियों की हर प्रकार से सहायता करें। कुष्ठ रोग एक मामूली बीमारी है, जो एक जीवाणु से होती है। यह कोई छुआछूत या आनुवंशिक रोग नहीं है। इसकी जांच एवं इलाज सभी सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुफ्त में उपलब्ध है। कुष्ठ रोग की शुरुआत में पहचान एवं जांच करवाते हुए पूर्ण इलाज लिया जाए, तो कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि चमड़ी पर चमड़ी के रंग से फीका, एक या एक से अधिक दाग या धब्बे, जिसमें सुन्नपन, सूखापन, पसीना न आता हो, खुजली या जलन, चुभन न होती हो, तो कुष्ठ रोग हो सकता है। शरीर पर, चेहरे पर, भौंहो के ऊपर, कानों के ऊपर सूजन-गठान, दाने या तेलीय चमक दिखाई पड़े, तो कुष्ठ रोग हो सकता है। हाथ पैर में सुन्नता, सूखापन एवं कमजोरी होने पर भी कुष्ठ की जांच करवाएं। उन्होंने जिलेवासियों से आह्वान किया कि अगर स्वयं को या पड़ोस के किसी व्यक्ति को इस तरह के दाग धब्बे हों तो चिकित्सक से सम्पर्क कर उसकी जांच करवाएं। यदि कोई व्यक्ति कुष्ठ रोग से पीड़ित है, तो उसके साथ किसी भी तरह का भेदभाव न करें एवं जहां तक हो सके उसकी हर प्रकार से सहायता करें। कार्यक्रम के दौरान कुष्ठ रोग से मुक्त हो चुके व्यक्तियों का कंबल देकर सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गौरव मीणा, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शिव कुमार शर्मा, डीपीओ डॉ. महेंद्र सांखला, प्राचार्या कल्पना सेंगर, ओम प्रकाश लोधी, विनोद व्यास, गिर्राज सिंह त्यागी सहित अन्य मौजूद रहे।

ब्यूरो विजय शर्मा
