बागेश्वर धाम कथा में स्वच्छता सेनानियों ने की पहले दिन की कथा की आरती
1 min readबांदा
स्वच्छता सेनानियों ने की पहले दिन की कथा की आरती

जातिवाद के दंश को समाप्त करने के लिए बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने मवई बाईपास बांदा
में आयोजित पहले दिन की कथा के समापन पर नगर
पालिका के स्वच्छता सेनानियों को श्रीहनुमान जी की
आरती उतारने का अवसर प्रदान किया।
आरती उतारने का
सुअवसर मिलने पर स्वच्छता सेनानी गदगद हो गए। पहले
दिन की कथा में पं. धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से सनातन धर्म की
अलख जगाने के लिए बांदावासियों का आह्वान किया। कहा
कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक-एक व्यक्ति को आगे
आना होगा।
उन्होंने दूर दूर से आए पत्रों को पढ़कर लोगों
की समस्याओं का सरल समाधान बताया। उन्होंने बांदा-
चित्रकूट की महिमा का बखान करते हुए कहा कि यह वही
धरती है जहां भगवान श्रीराम को वनवास के दौरान करीब
12 वर्ष तक शरण मिली थी और इसी पावन धरती ने
भगवान श्रीराम मर्यादापुरुषोत्तम बनाया है। बागेश्वरधाम
सरकार ने कहा कि बिना चोट खाए कोई भी महान नहीं बन
सकता।
उन्होंने अपना संस्मरण सुनाते हुए कहा कि 20
सालों तक उन्होंने खुद भी बहुत कष्ट झेला है और बालाजी
की कृपा से उन्होंने मुकाम हासिल किया है।
उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाई संकट कटे मिटे सब पीरा की व्याख्या
करते हुए संकट के समय घबराना नहीं चाहिए बल्कि
संकटमोचन का ध्यान करके उनकी कृपा प्राप्त करनी
चाहिए।
उन्होंने मुस्लिम समाज पर चोट करते हुए हिंदू
समुदाय को हली उल्लाह वालों के चक्कर में नहीं
बजरंगबली की शरण में जाने की सलाह दी। कथा के दौरान
मोहक भजनों के माध्यम से बागेश्वरधाम सरकार ने सभी
श्रद्धालु श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया।
