भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर में बच्चों ने सीखे विभिन्न धर्मों और भाषाओं के अभिवादन
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अलीगढ़
जनपद के ब्लॉक टप्पल स्थित कंपोजिट विद्यालय जहानगढ़ में आयोजित भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर 2026 के द्वितीय दिवस पर बच्चों को विभिन्न धर्मों और भाषाओं में अभिवादन करने की परंपराओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति, विविधता और आपसी सम्मान की भावना को विकसित करना रहा।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने अलग-अलग धर्मों और समुदायों में प्रचलित अभिवादन के तरीकों को बड़े उत्साह के साथ प्रस्तुत किया। बच्चों ने “नमस्ते”, “अस्सलामुअलैकुम”, “सत श्री अकाल”, “जय जिनेंद्र”, “प्रणाम” तथा अन्य भाषाई अभिवादन के महत्व को समझाया। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि अभिवादन केवल शब्द नहीं, बल्कि संस्कार, सम्मान और सौहार्द का प्रतीक होता है।
विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक श्री श्रीनिवास शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में सभ्यता और संस्कार का विशेष महत्व है तथा अभिवादन व्यक्ति के व्यक्तित्व की पहचान माना जाता है। सहायक अध्यापक श्री राजकुमार शर्मा, श्री कुशल कुमार, सहायक अध्यापिका श्रीमती लकी शर्मा एवं श्रीमती सना ने बच्चों को विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के प्रति सम्मान रखने की प्रेरणा दी।
शिविर में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने बच्चों को सामाजिक समरसता, भाईचारे और संस्कारयुक्त व्यवहार अपनाने का संदेश दिया

