अचलेश्वर महादेव मंदिर पर संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब, कालिया नाग मर्दन प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु
1 min readधौलपुर राजस्थान।
जीवन पानी के बुलबुले के समान, सत्कर्म ही असली पूंजी – पं. अशोक दत्त सैथियाँ
अचलेश्वर महादेव मंदिर पर संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब, कालिया नाग मर्दन प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु
धौलपुर।
चम्बल पुल के समीप स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन रविवार को कथाव्यास पंडित अशोक दत्त सैथियाँ जी महाराज ने श्रोताओं को भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान भगवान कृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं और ब्रजमंडल में उनके आगमन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कथा के दौरान व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महाराज श्री ने कहा कि “जिंदगी का कोई भरोसा नहीं है, यह पानी के बुलबुले के समान है जो कभी भी फूट सकता है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में निरंतर सत्कर्म करने चाहिए और दूसरों के दुख-दर्द में सहभागी बनकर उनका सहयोग करना चाहिए। यही सच्ची मानवता और भक्ति है। कथा में जब ‘कृष्ण और कालिया नाग मर्दन’ के प्रसंग का वर्णन किया गया, तो पांडाल कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। संगीत और भजनों को सुन कर श्रद्धालु भावविभोर होकर नाचने लगे। इस अवसर पर श्री श्री 1008 श्री द्वारिकादास जी महाराज (प्रभु जी, शेरगढ़ किला) और श्री 108 मनोजदास जी महाराज (महंत, अचलेश्वर महादेव) का सानिध्य प्राप्त हुआ। संगीतकार दिनेश चंद शर्मा और उनके सहयोगी ने बहुत ही सुंदर भजन गाए। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य यजमान जगदीश दास , रामविलास पुजारी, पंडित आकाश , पंडित रघुवीर शर्मा, ऋषिकेश शर्मा, ठाकुर लाखन सिंह विचोला वाले, ठाकुर मनोज चौहान, कप्तान सिंह, श्रोता गण एवं समस्त भक्तगण जुटे हुए हैं
।ब्यूरो विजय शर्मा

