चंबल के बीहड़ों में गूंजी संगीतमय श्रीमद्भागवत की महिमा, भक्त ध्रुव के प्रसंग ने किया भावविभोर
1 min readधौलपुर राजस्थान।
चंबल के बीहड़ों में गूंजी संगीतमय श्रीमद्भागवत की महिमा, भक्त ध्रुव के प्रसंग ने किया भावविभोर
धौलपुर।
चंबल के बीहड़ों में स्थित सिद्ध स्थल श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में इन दिनों भक्ति की अविरल धारा बह रही है। श्री श्री 1008 श्री द्वारिकादास प्रभु जी महाराज (शेरगढ़ किला) एवं श्री 108 मनोजदास बाबा (महंत, अचलेश्वर महादेव) के पावन सानिध्य में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित अशोक दत्त सैथिया जी महाराज ने भक्त ध्रुव के चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। कथा के दौरान व्यास जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में भगवान की भक्ति ही जीवन का एकमात्र सार है। उन्होंने संस्कारों पर जोर देते हुए कहा, “जिस घर में बुजुर्ग होते हैं, वहां साक्षात भगवान की कृपा होती है। हमें अपने माता-पिता और सास-ससुर की सेवा पूरी श्रद्धा से करनी चाहिए। बुजुर्गों के आशीर्वाद से ही मनुष्य की आयु, यश और कीर्ति में वृद्धि होती है।”
संगीतमय भजनों के बीच जब महाराज जी ने नन्हे बालक ध्रुव की कठिन तपस्या और भगवान के प्रति उनके अटूट विश्वास का वर्णन किया, तो पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। उन्होंने सुंदर भजनों के माध्यम से संदेश दिया कि जिस पर भगवान राम की कृपा होती है, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। कथा व्यास अशोक दत्त सैंथिया जी महाराज ने कहा कि यह आयोजन 31 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ है, जिसका पूर्णाहूति एवं विशाल भंडारा 7 जनवरी 2026, बुधवार को आयोजित किया जाएगा कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अचलेश्वर महादेव जी मन्दिर, चंबल पुल के पास, धौलपुर में है।इस अवसर पर महंत मनोज दास बाबा, सेवक जगदीश दास, रामविलास पुजारी, पं. आकाश एवं समस्त भक्तगण व्यवस्थाओं में जुटे रहे। चंबल क्षेत्र के आस-पास के गाँवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं
ब्यूरो विजय शर्मा

