कलश यात्रा के साथ हुआ भव्य संगीतमय श्रीमद् देवीभागवत कथा का शुभारंभ
1 min readकलश यात्रा के साथ हुआ भव्य संगीतमय श्रीमद् देवीभागवत कथा का शुभारंभ, काली माँ के स्थान से शाहगंज हनुमानगढ़ी तक निकली भक्तिमय यात्रा
अयोध्या

जनपद के ग्राम परसौली, ढेमा वैश्य में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीमद् देवीभागवत कथा का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ किया गया। कथा के प्रथम दिन कलश यात्रा का भव्य आयोजन हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। यह पावन कलश यात्रा काली माँ के स्थान से प्रारंभ होकर शाहगंज हनुमानगढ़ी तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा में सिर पर मंगल कलश धारण किए सैकड़ों महिलाएं, युवतियां और बालिकाएं पारंपरिक परिधानों में शामिल हुईं। महिलाओं के सिर पर कलश, हाथों में नारियल, आम के पत्ते और माथे पर लाल चुनरी के साथ माता के जयकारे गूंजते रहे। “जय माता दी, जय काली मैया, जय हनुमान” के उद्घोष से संपूर्ण मार्ग भक्तिरस में डूब गया। पुरुष श्रद्धालु ढोल-नगाड़े, मंजीरे और भजन-कीर्तन के साथ यात्रा को भव्य रूप दे रहे थे।
कलश यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा की गई। स्थानीय ग्रामीणों एवं व्यापारियों ने यात्रा का स्वागत करते हुए श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की। पूरा क्षेत्र देवीमय वातावरण में परिवर्तित हो गया। यात्रा का समापन शाहगंज स्थित प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी पर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जहां कलशों की पूजा कर कथा स्थल के लिए प्रस्थान किया गया।
इसके उपरांत कथा स्थल पर विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना की गई और श्रीमद् देवीभागवत कथा का शुभारंभ हुआ। यह कथा 28 दिसंबर 2025 से 05 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन अपराह्न 03 बजे से सायं 06 बजे तक आयोजित की जा रही है। कथा का वाचन प्रसिद्ध कथा वाचक पं० आशीष कृष्ण शास्त्री जी (श्रीधाम वृन्दावन) द्वारा किया जा रहा है।
पं० आशीष कृष्ण शास्त्री जी ने कथा के प्रथम दिवस में देवीभागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह ग्रंथ शक्ति उपासना का आधार है। देवीभागवत कथा हमें नारी शक्ति, धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां देवीभागवत कथा होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और समाज में सद्भाव एवं संस्कारों की स्थापना होती है।
इस पावन आयोजन की मुख्य यजमान श्रीमती दुर्गा देवी, पत्नी रामप्रकाश पाण्डेय, हैं। उन्होंने माता रानी के चरणों में परिवार की सुख-समृद्धि, क्षेत्र की खुशहाली और समाज में शांति की कामना के साथ इस धार्मिक आयोजन का संकल्प लिया है। यजमान परिवार ने बताया कि माता की कृपा से कलश यात्रा और कथा का शुभारंभ अत्यंत मंगलमय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस आयोजन को सफल बनाने में कृष्णदेव पाण्डेय, कपिलदेव पाण्डेय, चन्द्रप्रकाश पाण्डेय, अमरनाथ पाण्डेय, विनय पाण्डेय (मामा), वैजनाथ, पंकज, हरिमोहन, पवन, दिनेश पाण्डेय, महेश, नीरज, बजरंग, शिवा, सुमित, हर्षित पाण्डेय सहित समस्त परिवारजन एवं मित्रगण का विशेष सहयोग रहा। सभी लोग व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
इस धार्मिक आयोजन के आयोजक एवं निवेदक हरिओम पाण्डेय (विपिन पाण्डेय) पं० आशीष कृष्ण शास्त्री जी कि उन्होंने कहा कलश यात्रा के माध्यम से माता भगवती का आह्वान किया गया है, जिससे पूरे आयोजन में दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
कथा के दौरान प्रतिदिन संगीतमय भजन-कीर्तन, माता की आरती और प्रसाद वितरण किया जा रहा है। अंतिम दिवस पर विशेष पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद का आयोजन होगा, जिसमें क्षेत्र भर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
ग्राम परसौली, ढेमा वैश्य सहित आसपास के गांवों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कलश यात्रा और देवीभागवत कथा जैसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सनातन परंपराओं से जोड़ते हैं।
आयोजन समिति ने अयोध्या जनपद एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर काली माँ के स्थान से शाहगंज हनुमानगढ़ी तक निकली कलश यात्रा और श्रीमद् देवीभागवत कथा के पुण्य लाभ के सहभागी बनें तथा माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करें।
दिनेश कुमार
