अंधी-अंधा श्रवण आश्रम पर मनाई गई महाराज बिजली पासी की जयंती
1 min readमहाराजा बिजली पासी का बलिदान प्रेरणा स्रोत
मिल्कीपुर के अंधी-अंधा श्रवण आश्रम पर मनाई गई जयंती
मिल्कीपुर अयोध्या

सामाजिक संस्था उम्मीद किरण सेवा संस्थान के बैनर तले महाराजा बिजली पासी की जयंती मिल्कीपुर के खिहारन गांव स्थित श्रवण आश्रम पर मनाई गई। इस अवसर पर दर्जनों वक्ताओं ने महाराजा बिजली पासी के बलिदान को समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त एडीओ पंचायत दिनेश प्रताप सिंह रावत ने महाराजा बिजली पासी के संघर्षों को याद किया। उन्होंने बताया कि महाराजा बिजली पासी सन 1184 के गांजर युद्ध में आल्हा ऊदल से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस युद्ध से पहले उन्होंने कन्नौज के राजा जयचंद्र को भी हराया था।
उम्मीद किरण सेवा संस्थान के अध्यक्ष लाल चंद्र चौरसिया ने कहा कि महाराजा बिजली पासी ने अपने जीवनकाल में अवध क्षेत्र में 12 किले बनवाए थे। इन किलों के अवशेष आज भी लखनऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों में देखे जा सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि रंजीत रावत ने शिक्षा पर बल देते हुए समाज को शिक्षित और संगठन रहने की जरूरत बताई। इसके अलावा पूर्व जिला पंचायत सदस्य सियाराम रावत,रामतेज प्रियदर्शी, राजेश रावत, शिक्षक राज कुमार रावत, राममिलन रावत, धर्मेन्द्र रावत, राजेश चौधरी सहित दर्जनों अन्य वक्ताओं ने संबोधित करते हुए वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के गौरवशाली इतिहास को याद किया और उन्हें बहुजन नायक बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश कुमार कोरी ने की, जबकि संचालन त्रिलोकीनाथ पासी ने किया।
इस मौके पर चंद्रप्रकाश रावत, राम अंजोर रावत,राम नेवल, वीरेंद्र कुमार, बसंतलाल राजू, दीपू रावत, अक्षय कुमार, संजय कुमार, आकाश चौधरी, रवि रावत, राकेश कुमार, जितेंद्र कुमार, सीताराम रावत, विक्रम पाल, जगदीश पासी, अंबरीश रावत, रोबिल प्रियदर्शी, अरविंद रावत, अनंतराम रावत समेत सैकड़ो की संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
