राधा बिहारी मंदिर में भागवत कथा के तीसरे दिन उमड़ा जनसैलाब
1 min readधौलपुर राजस्थान।
धौलपुर: राधा बिहारी मंदिर में भागवत कथा के तीसरे दिन उमड़ा जनसैलाब
धौलपुर (पैलेस रोड)। स्थानीय पैलेस रोड स्थित प्राचीन राधा बिहारी मंदिर में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास आचार्य योगेश कृष्ण महाराज ने सती चरित्र और ध्रुव चरित्र के प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों और जयकारों से गूंज उठा।
माता ही बालक की प्रथम गुरु: आचार्य योगेश कृष्ण
कथा व्यास ने बच्चों के संस्कारों पर जोर देते हुए कहा कि “बच्चों में संस्कार जन्म से ही आते हैं, क्योंकि बालक की पहली गुरु उसकी माँ होती है।” उन्होंने बताया कि एक माँ ही अपनी संतान को भक्ति और नैतिकता के मार्ग पर अग्रसर कर सकती है। महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन करता है या उसे श्रद्धापूर्वक श्रवण करता है, उसे इस भवसागर के कष्टों में भटकना नहीं पड़ता और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
तृतीय दिवस की कथा में आचार्य ने सती चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए भगवान शिव और माता सती के भक्ति भाव की व्याख्या की। इसके पश्चात उन्होंने राजा उत्तानपाद, रानी सुनीति और सुरुचि की कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार रानी सुरुचि के कटु व्यवहार के कारण रानी सुनीति को वन जाना पड़ा।
इसी कठिन समय में रानी सुनीति की कोख से भक्त ध्रुव का जन्म हुआ। माता के दिए संस्कारों के बल पर ही नन्हे बालक ध्रुव ने अपनी अडिग तपस्या से भगवान को प्रसन्न किया और ब्रह्मांड में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
कथा के दौरान बीच-बीच में गाये गए भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कथा की आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर धौलपुर भक्त मंडल समिति के सदस्य भोला गुप्ता , संगीता गुप्ता, रेखा शर्मा, विजय शर्मा, सुनील जगरिया, उपेन्द्र दीक्षित, बिज्जी पुजारी, रामकिशोर पाठक, राजेंद्र राणा, मीरा चौहान, मनोज चौहान, नीलम शर्मा, हेमलता, अभिषेक, विक्की गुप्ता, पारस मुद्गल, दिनेश गुर्जर, पुष्पा चौधरी, सेक्रेटरी रामगोपाल चौधरी, प्रांजल बिंदल, स्नेहा, ललिता गुर्जर, किशन यादव, और साधु संत सहित भारी तादाद में श्रोतागण और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय माताएं-बहनें व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो

