स्वच्छता अभियान के महान प्रणेता कर्मयोगी संत गाडगे बाबा का 69 वां महापरिनिर्वाण दिवस अम्बेडकर पार्क में मनाया गया
1 min readस्वच्छता अभियान के महान प्रणेता कर्मयोगी संत गाडगे बाबा का 69 वां महापरिनिर्वाण दिवस अम्बेडकर पार्क बाँदा में
बांदा

दिनांक 20 दिसम्बर 2025 को शाम 4:30 बजे से स्थान अंबेडकर पार्क बांदा में महान कर्मयोगी स्वच्छता अभियान के जनक राष्ट्र संत गाडगे बाबा जी का 69 वां परिनिर्वाण दिवस अंबेडकर पार्क बांदा में गाडगे बहुजन सेवा समिति बाँदा के व्यवस्थापन से उनके अनुयायियों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित कर बाबा जी के कृतित्व और व्यक्तित्व पर चर्चा-परिचर्चा किया गया समिति के प्रबंधक मोहनलाल खण्डेहवाल नें कहा की गाडगे बाबा नें अपने जीवनकॉल में वही बात कहते थे जो अपने हाथों से करते थे इसलिए उनको कर्मयोगी संत कहते कहा जाता था इसलिए सभी को यह गुण अपनाना चाहिए.
सह-प्रबंधक जयनारायण श्रीवास नें कहा की गाडगे बाबा नें अपने जीवनकाल में लगभग 1905 से 1956 तक महाराष्ट्र के गाँव गाँव में स्वच्छता अभियान चलाया था! वे झाड़ू लेकर गांव में प्रवेश करते थे नालियां और रास्ते साफ़ करते थे और लोगों को स्वच्छता सामाजिक समानता तथा अंधविश्वास के खिलाफ जागरूक करते थे उनका यह अभियान 50 वर्षों तक चला और इसलिए स्वच्छता अभियान के जनक माने जाते थे उस वक्त देश की सबसे बड़े विद्वान संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर उनकी सामाजिक क्रांति से बहुत प्रभावित हुए थे इसलिए बाबा साहब गाडगे बाबा को अपना सामाजिक गुरु मानते थे और गाडगे बाबा जी भी अंबेडकर से बेहद स्नेह रखते थे यही कारण रहा कि 6 दिसंबर को हुए अम्बेडकर साहब के मृत्यु से गाडगे बाबा इतना दुखी हुए की ठीक 14 वें दिन बाद उनका भी 20 दिसंबर को निधन हो गया था यह घटना अम्बेडकर साहब और गाडगे बाबा जी के प्रति अकाट्य निष्ठा का संयोग है
समिति अध्यक्ष मनीष कुमार नें कहा की गाडगे बाबा जी द्वारा शिक्षा पर दिया गया संदेश कि आपके पास पैसे की तंगी है तो घर की थाली बेच दो, हाथ में लेकर खाना खाओ मगर अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ यह संदेश आज भी प्रासंगिक है
घनश्याम श्रीवास नें कहा कि गाडगे बाबा मानवता के सच्चे पुजारी थे इसलिए हमेशा कहते थे की नर ही नारायण है इसी कि सच्ची सेवा करों..
जीतेन्द्र जीतू ने कहा कि गाडगे बाबा कि शिक्षाएं मनुष्य के हिर्दय में परिवर्तनकारी है सभी को अनुसरण करना चाहिए.
आज उनके महापरिनिर्वाण दिवस 20 दिसम्बर को विचार संगोष्ठी मे विचारक के तौर पर संघमित्रा बौद्ध विहार प्रबंधक रामफल चौधरी,सेवानिवृत प्रसाशनिक अधिकारी न्याय विभाग बाँदा राजा राजाराम गुरुदेव,शिवशरण सेवानिवृत जेलर, इंजीनियर महिपाल सिंह, अशोक बुंदेला,श्रवण श्रीवास, विनय श्रीवास, जेपी वर्मा, सुखलाल बौद्ध,अशोक कुमार,इंद्रजीत श्रीवास,विनोद कुमार अध्यक्ष गाडगे यूथ बिग्रेड, मनोज मानसी स्टूडियो, धनराज श्रीवास,बामसेफ संयोजक भानुप्रताप सिंह, हीरालाल, जीतपाल,मनोज वर्मा, देवकुमार,प्रेम सिंह प्रेमी,आशीष पटेल ,सुरेश राजा,सभी ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन किया।
