सचिव रेखा यादव एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया बाल-वाहिनियों का औचक निरीक्षण
1 min readधौलपुर राजस्थान।
सचिव रेखा यादव एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया बाल-वाहिनियों का औचक निरीक्षण
बच्चों की सुरक्षा के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालन सुनिश्चित कराये जाने के दिये निर्देश
सचिव ने जगदीश तिराहे पर विद्यालयों की बाल-वाहिनियों का किया औचक निरीक्षण
स्कूली बच्चों की सुरक्षा हेतु शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रबंधन एवं अभिभावक निभाएं अपनी भूमिका
धौलपुर, 4 दिसम्बर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अरुण कुमार अग्रवाल के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एडीजे रेखा यादव, जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव एवं परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा हेतु रालसा जयपुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में जगदीश तिराहे पर विभिन्न विद्यालयों की बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण किया। बच्चों की सुरक्षा हेतु राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालन सुनिश्चित कराये जाने के दिए निर्देश दिये।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बाल वाहिनियों के चालकों को बताया कि बाल वाहिनियों का रंग पीला होना आवश्यक है, साथ ही उन पर स्कूल का नाम, पता, फोन नंबर, वाहन चालक व सहायक का नाम आदि अंकित होना आवश्यक है। बाल वाहिनियों के चालक के पास वैध लाइसेंस होना आवश्यक है, साथ ही उसके पास वाहन चलाने का न्यूनतम 5 वर्ष का अनुभव हो। बाल वाहिनियों में बच्चों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन निकास, प्राथमिक चिकित्सा किट, अग्निशमन यंत्र, जीपीएस इत्यादि होना एवं चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होना आवश्यक है। सुरक्षा मानकों का पालन न करने एवं कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने से परिवहन विभाग द्वारा एक वाहन सीज की कार्यवाही की गई।
निजी स्कूल संचालक और बाल वाहिनी चालक सिर्फ मुनाफे की चाह में बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रख रहे है। बच्चों की सुरक्षा हेतु समय-समय पर निर्देश जारी किये जाते हैं परंतु फिर भी संबंधितों द्वारा दिशा-निर्देशों की पालना नहीं की जा रही है और बच्चों को स्कूल बसों एवं वैनों में ठूंस-ठूंसकर भरा जा रहा है, स्कूल बाल वाहिनियां यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है। बिना फिटनेस, बिना परमिट की ओवरलोडिंग बाल वाहिनियां सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। बच्चों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है, जिससे अभिभावक रोज डर के साये में जी रहे है। निरीक्षण के दौरान कुछ वाहनों की वास्तविक स्थिति निर्धारित मापदण्डों के विपरीत पाई गई। वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठा रखा था, जो कि उचित नहीं है, बच्चों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दास्त नहीं की जायेगी। इस मौके पर सचिव ने बाल वाहिनी संचालकों को निर्देशित किया गया जो रालसा के द्वारा बाल-वाहिनियों के बनाए गए निर्धारित बिंदुओं का जल्द से जल्द पालन करें अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जावेगी।
इस अवसर पर जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव, परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत, स्टेनो राहुल डंडौतिया, कनिष्ठ सहायक सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
अभिभावकों से अपील
सचिव ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को केवल सुरक्षित एवं पंजीकृत बाल-वाहिनियों में ही स्कूल भेजें। अभिभावक स्वयं यह सुनिश्चित करें कि जिस वाहन में वे अपने बच्चों को विद्यालय भेज रहे हैं, उसके द्वारा सुरक्षा मानकों की पालना की जा रही है या नहीं, कहीं वाहन में क्षमता से अधिक बच्चें न हो। यदि ऐसा पाया जाता है तो ऐसे वाहनों में अपने बच्चों को स्कूल न भेजें और सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था करें।
शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रबंधन भी बच्चों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएं और सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करावें। यदि फिर भी वाहनों द्वारा सुरक्षा मानकों की पालना नहीं की जाती है तो संबंधितों के विरूद्ध नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही अमल में लायी जावेगी।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो राजस्थान

