विधिक सेवा सप्ताह, ‘न्याय आपके द्वार-लोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ एवं त्वरित समाधान‘‘ एव सड़क सुरक्षा अभियान के तहत रैली को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
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धौलपुर,

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महिला बाल विकास विभाग, स्काउट गाइड एवं मंजरी फाउंडेशन के सहयोग से न्यायालय परिसर से गांधी पार्क धौलपुर तक विधिक सेवा सप्ताह, ‘‘न्याय आपके द्वार-लोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ एवं त्वरित समाधान‘‘ एवं सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान के तहत रैली को पारिवारिक न्यायाधीश सुशील कुमार पाराशर, पोक्सो न्यायाधीश राजकुमार, एमएसीटी न्यायाधीश प्रीति नायक, सचिव रेखा यादव, एससी-एसटी न्यायाधीश नम्रता पारिक, अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट शैला फौजदार, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमन मीणा, करुणा आदि के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर सचिव रेखा यादव ने उपस्थित महिलाओं को बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत समाज के कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएँ प्रदान करने और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु लोक अदालतों का आयोजन करने के उद्देश्य से किया गया है। सचिव ने बताया कि इसका आदर्श वाक्य है “न्याय सबके लिए। हर वर्ष 9 नवम्बर को पूरे भारत में कानूनी सेवा दिवस मनाया जाता है। भारत में सभी को समान न्याय का सिद्धांत संविधान के अनुच्छेद 39(ए) में निहित है। यह अनुच्छेद यह सुनिश्चित करता है कि न्याय तक पहुँच आर्थिक या अन्य अक्षमता के कारण किसी से वंचित न रहे। इसी संवैधानिक भावना को लागू करने के लिए संसद ने वर्ष 1987 में “विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 पारित किया। इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना हुई, जो 9 नवम्बर 1995 से कार्यरत हुआ। इसी दिन की स्मृति में “कानूनी सेवा दिवस” मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय तक पहुँच उपलब्ध कराना, आम नागरिकों में कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना, यह सुनिश्चित करना कि गरीबी या अशिक्षा किसी को न्याय से वंचित न करे, लोगों को लोक अदालतों, मध्यस्थता और सुलह जैसे वैकल्पिक न्याय तंत्रों के बारे में जानकारी देना, समाज में न्यायिक साक्षरता को बढ़ावा देना आदि है एवं इसके साथ ही सड़क सुरक्षा के बारे में बताया कि हमेशा दोपहिया वाहनों पर चलते समय हमेशा हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए एवं चार पहिया वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट का प्रयोग करना चाहिए इसके अतिरिक्त वाहन की गति निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चलानी चाहिए।
जिला परिवहन अधिकारी मुकुल कुंद्रा ने बताया कि सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव के निर्देशन में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत विभाग की ओर से निरंतर चालान की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा गुड सेमेरिटर्न के रूप में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में जानकारी दें। न्याय दर्शन संस्था के सचिव रंजीत दिवाकर ने गोल्डन आवर्स के बारे में जानकारी दी
ट्रेनी न्यायिक अधिकारीयों ने बताया कि सड़क सुरक्षा अभियान के तहत यातायात नियमों का पालन करें जैसे ट्रैफिक सिग्नल, गति सीमा और सड़क चिह्नों का पालन करना, शराब या किसी भी नशीली दवा के प्रभाव में वाहन न चलाएं, गाड़ी चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें, अपनी लेन में चलें, आगे वाले वाहन से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें, चार पहिया वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट पहनें और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें आदि का पालना करना चाहिए।
इस अवसर पर रैली में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को परिवहन विभाग की ओर से यातायात नियमों संबंधित पंपलेट का वितरण किया गया।
इस अवसर पर ट्रेनी न्यायिक अधिकारीगण अंकित यादव, रेखा चौधरी, पूनम अग्रवाल, विक्रम ठोलिया, महिला बाल विकास से मांगीलाल, मंजरी फाउंडेशन से सुबोध गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी मुकुल कुंद्रा, ट्रैफिक इंचार्ज बलविंदर एवं न्याय विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
विजय कुमार शर्मा ब्यूरो राजस्थान
