रवि फसल की बुआई से पहले खाद संकट की आशंका को लेकर जिलाधिकारी को भेजा पत्र
1 min readजसपुरा बांदा

जसपुरा ब्लॉक के चंदवारा, बड़ागांव, रामपुर, गडरिया, जसपुरा और सिंधन गांवों में रबी फसल की बुआई से पहले ही खाद और उर्वरक संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसानों की चिंता को देखते हुए बाँदा सहकारी क्रय-विक्रय समिति, पाठी के सचालक एवं पूर्व नेवी अधिकारी राकेश बाजपेयी ने जिलाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी और सहायक रजिस्ट्रार (सहकारिता विभाग) को पत्र भेजकर खाद की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि जसपुरा ब्लॉक का कुल कृषि रकबा लगभग 56 लाख एकड़ है। इस साल धान की खेती 66 हजार एकड़ में की गई है, जबकि चंदवारा, बड़ागांव और रामपुर में किसानों ने 15 हजार एकड़ में सफेद कुमड़ा (व्हाइट पंपकिन) की फसल भी ली है। अब रबी सीजन में गेहूं की बुआई का अनुमानित क्षेत्रफल 80 से 90 हजार एकड़ तक हो सकता है, जो पिछले वर्ष की तुलना में डेढ़ गुना ज्यादा है।
बाजपेयी ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इस वर्ष अत्यधिक वर्षा और बाढ़ के चलते खरीफ की फसल लगभग 70 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से ही डांवाडोल हो चुकी है और अब अगर रबी फसल के लिए समय पर खाद और उर्वरक उपलब्ध नहीं कराए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। पत्र में ब्लॉक की भौगोलिक परिस्थिति और मिट्टी की विशेषताओं का हवाला देते हुए बताया गया है कि यहाँ खेतों की नमी तेजी से समाप्त होती है, ऐसे में समय पर खाद की आपूर्ति बेहद जरूरी है।
पूर्व नेवी अधिकारी बाजपेयी ने मांग की है कि प्रशासन और कृषि विभाग तत्काल क्रियान्वयन योजना बनाकर जसपुरा ब्लॉक की सभी सहकारी समितियों को खाद-उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को गंभीर आर्थिक संकट से बचाया जा सके।
