आदर्श रामलीला समिति के बैनर तले रामलीला मंचन का हुआ आयोजन
1 min readमोतीगंज अयोध्या
आदर्श रामलीला समिति के बैनर तले जोहन बीकापुर में चल रही ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव का शुभारंभ प्रथम दिवस से हुआ। धार्मिक वातावरण में आयोजित इस मंचन में श्रवण चरित्र, इन्द्र दरबार और रावण अत्याचार जैसे प्रसंगों का जीवंत चित्रण किया गया।
रामलीला मंचन में दर्शाया गया कि किस प्रकार श्रवण कुमार अपने नेत्रहीन माता-पिता को कांवर में बैठाकर तीर्थयात्रा कराते हैं, किन्तु दुर्भाग्यवश राजा दशरथ के बाण से वे शिकार हो जाते हैं। यह करुण दृश्य देखकर उनके अंधे माता-पिता शोकाकुल हो राजा दशरथ को पुत्र वियोग का श्राप देते हैं। इस प्रसंग ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विह्वल कर दिया।
इसके उपरांत इन्द्र दरबार का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह दिखाया गया कि श्राप की पीड़ा और पुत्रहीनता का ग्लानि भाव राजा दशरथ को इन्द्रलोक में भी व्यथित करता है। वहीं दूसरी ओर रावण और कुंभकर्ण की तपस्या का मंचन हुआ। भगवान ब्रह्मा से रावण को वरदान प्राप्त हुआ, जबकि कुंभकर्ण को इन्द्रासन के स्थान पर निंद्रासन का वरदान मिलना दर्शकों को रोमांचित कर गया।
प्रथम दिवस के अंतिम दृश्य में रावण के अत्याचार का मंचन हुआ। रावण ने ऋषि-मुनियों की तपस्या भंग कर उनके रक्त से घड़ा भर दिया और जनक भूमि में गाड़ दिया, जिसके कारण वहां सूखा और अकाल का संकट उत्पन्न हो गया।
रामलीला समिति के अध्यक्ष एवं निर्देशक ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन वर्षों से मोतीगंज बाजार में होता आ रहा है इस 23 सितम्बर से 30 सितम्बर तक नव दुर्गापूजा समिति जोहन बीकापुर के तत्वावधान में रहा है उन्होंने कहा कि दूसरे दिन राम जन्म, सीता जन्म,राम मंगनी, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और जैसे दिव्य प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
भक्तिमय वातावरण और आध्यात्मिक दृश्यों से परिपूर्ण इस रामलीला ने प्रथम ही दिन दर्शकों का मन मोह लिया।

