हैरिंग्टनगंज बाजार में हर रविवार को मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार तिवारी दे रहे निःशुल्क परामर्श
1 min read
अयोध्या।
अयोध्या जनपद के हैरिंग्टनगंज बाजार में प्रत्येक रविवार को एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हो रहा है, जिसमें लखनऊ से पधारे वरिष्ठ मधुमेह एवं मेटाबोलिज्म विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार तिवारी ग्रामीणों को निःशुल्क परामर्श और उपचार प्रदान कर रहे हैं। यह पहल उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें अब तक विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएँ बड़े शहरों में ही उपलब्ध हो पाती थीं।
डॉ. मनोज कुमार तिवारी, जिनका जन्म और पालन-पोषण विकास खंड हैरिंग्टनगंज के ग्राम पंचायत रेवना में हुआ, ने चिकित्सा क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से विशेष पहचान बनाई है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने मधुमेह विशेषज्ञ के रूप में ख्याति अर्जित की और आज वे अपने क्षेत्रवासियों की सेवा हेतु संकल्पित हैं। हर रविवार को वह लखनऊ से हैरिंग्टनगंज आकर मरीजों का निःशुल्क उपचार और परामर्श करते हैं।
हैरिंग्टनगंज बाजार में आयोजित इस साप्ताहिक शिविर में डॉ. तिवारी मरीजों को मधुमेह के लक्षण, बचाव के उपाय, और आधुनिक उपचार पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। वह विशेष रूप से संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और रक्त शर्करा की सतत निगरानी पर बल देते हैं। उनका कहना है कि जीवनशैली में थोड़े से सुधार से मधुमेह को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉ. तिवारी ने एक बातचीत में कहा, “मेरा जन्म और पालन-पोषण इसी क्षेत्र में हुआ है। यह मेरा नैतिक कर्तव्य है कि मैं अपनी विशेषज्ञता का लाभ अपने लोगों तक पहुँचाऊँ। मधुमेह आज एक गंभीर और व्यापक समस्या बन चुकी है, लेकिन समय रहते जानकारी और उचित उपचार से इसके दुष्प्रभावों को रोका जा सकता है।”
डा. तिवारी ने बताया कि उनके द्वारा हर रविवार को एक विद्यालय में लगभग 2 घंटे बच्चों को फिजिक्स व केमिस्ट्री के बारे में संपूर्ण जानकारी दी जाएगी जिससे आगे चलकर बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणा का विषय साबित होगा।
स्थानीय लोगों ने डॉ. तिवारी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह कदम न केवल स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ा रहा है। ग्राम पंचायत रेवना के निवासी रजनीश कुमार पाण्डेय ने कहा, “डॉ. तिवारी हमारे लिए प्रेरणा हैं। उनके आने से हमें अपने गाँव में ही विशेषज्ञ परामर्श मिल रहा है, जो पहले केवल शहरों में संभव था।”
यह स्वास्थ्य शिविर मधुमेह से जूझ रहे मरीजों के लिए आशा की किरण बन गया है। साथ ही यह दर्शाता है कि कैसे एक व्यक्ति अपनी जड़ों से जुड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। डॉ. तिवारी ने भविष्य में भी इस सेवा को जारी रखने की इच्छा जताई है, ताकि अधिकाधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
हैरिंग्टनगंज का यह शिविर न केवल मधुमेह प्रबंधन में नई राह दिखा रहा है, बल्कि सामुदायिक सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक अनुकरणीय उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।
दिनेश कुमार

