छुट्टा पशुओं का आतंक: गौरवा खुर्द के किसान परेशान, फसलें बर्बाद, प्रशासन मौन
1 min readगोंडा।
जिले के हलधरमऊ ब्लॉक के ग्राम गौरवा खुर्द बरईन पुरवा में छुट्टा पशुओं की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। ग्रामीणों के मुताबिक आवारा पशुओं की संख्या 50 से अधिक हो चुकी है,जो झुंड बनाकर सड़कों पर बैठते हैं और फसलों को नष्ट कर रहे हैं। इससे न केवल किसानों की आजीविका खतरे में है, बल्कि यातायात बाधित होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि गीले खेतों में पशुओं का आवागमन आसान हो जाता है, और वे फसलों को चट कर जाते हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि फसलों की रक्षा के लिए उन्हें रात भर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। गांव के बुजुर्ग राम अभिलाख ने बताया, “हमारी मेहनत की कमाई फसलों पर निर्भर है। रात भर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है, नहीं तो सारी फसल इन जानवरों के पेट में चली जाती है।” एक अन्य किसान ने कहा, “बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। खेत गीले होने से पशुओं को कोई परेशानी नहीं होती, और वे पूरी फसल नष्ट कर देते हैं।” छुट्टा पशुओं के कारण सड़कों पर आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। रात के समय अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देते, जिससे बाइक और अन्य वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर मेहनत-मजदूरी के बाद भी उनकी फसलें और जीवन दोनों खतरे में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन के आदेश हवा-हवाई साबित हो रहे हैं, और कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे मजबूरन सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस गंभीर समस्या के निदान के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, ताकि किसानों की मेहनत बर्बाद होने से बच सके और गांव में शांति व सुरक्षा बनी रहे।

