भूमि विवाद से पीड़ित बुजुर्ग पानी टंकी पर चढ़ा,पेट्रोल डालकर आत्महत्या की धमकी
1 min readभूमि विवाद से पीड़ित बुजुर्ग पानी टंकी पर चढ़ा,पेट्रोल डालकर आत्महत्या की धमकी
अधिकारियों की चौखट पर लगातार चक्कर लगाकर थक गया पीड़ित
पूर्व मंत्री के दबाव में गोंडा लखनऊ हाईवे पर भंभुआ में उसकी जमीन पर दुकान बनाकर कब्जा करने का आरोप
गोंडा।
जिले के तहसील व कोतवाली कर्नलगंज क्षेत्र में पांच वर्ष से दुकान का विवाद का निस्तारण न होने से निराश एक पीड़ित किसान शुक्रवार सुबह कर्नलगंज में पानी की टंकी पर चढ़ गया। गोंडा-लखनऊ हाईवे पर तहसील व कोतवाली के सामने पानी टंकी पर चढ़कर किसान शिवकुमार ने आत्महत्या करने की धमकी दे दी। उसकी धमकी के बाद से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई। दो घंटे तक अधिकारी उसे समझाने में जुटे रहे, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं था। आखिर में किसी तरह पीड़ित को पानी टंकी से उतारकर कर्नलगंज कोतवाली ले जाया गया। ग्राम मसौलिया निवासी शिवकुमार का कहना है कि पांच वर्ष हो गए दुकान के विवाद का समाधान करवाने को लेकर वह कचहरी व अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ टीम गठित व जांच होती है। पत्रावली इस मेज से उस मेज तक सिमट कर रह जाती है। उसे न्याय नहीं मिल रहा है। धन और रसूख न हो तो क्या साहब न्याय नहीं मिलेगा। किसान का कहना है कि वह इंसाफ न मिलने पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या कर लेगा। शिवकुमार का आरोप है कि एक पूर्व मंत्री के दबाव में गोंडा लखनऊ हाईवे पर भंभुआ में उसकी जमीन पर दुकान बनाकर कब्जा कर लिया गया। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने जांच टीम गठित की, लेकिन सपा के पूर्व मंत्री के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में उसे न्याय न मिला तो वह जिंदा रहकर ही क्या करेगा। उसने उच्चाधिकारियों को भी न्याय न मिलने पर जीवन लीला समाप्त करने की चेतावनी दी। पूर्व में भी वह कई बार पत्र लिखकर चेतावनी दे चुका है। तहसीलदार सुभद्र प्रसाद, निरीक्षक अपराध अरविंद कुमार किसान को समझाने में घंटो जुटे रहे। पीड़ित शिवकुमार ने प्रशासन और पूर्व एसडीएम भरत भार्गव की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने डीएम को मौके पर बुलाने की जिद की, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। यह घटना प्रशासन की लचर कार्यशैली और जमीनी विवादों के निपटारे में देरी को उजागर करती है। स्थानीय लोग भी शिवकुमार के समर्थन में आए और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की। पुलिस और प्रशासन अब मामले की जांच में जुटे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या शिवकुमार को न्याय मिल पाएगा? इस संबंध में उपजिलाधिकारी यशवंत राव ने कहा कि किसान को काफी मान मनौव्वल करके नीचे उतारकर कोतवाली में लाया गया है। समझा बुझाकर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।

