एक मां की चीख लेकर आयोग पहुंची जदयू उपाध्यक्ष” डेलीना खोंगदुप से मिलीं शालिनी, मिला कार्रवाई का भरोसा
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उत्तर प्रदेश में महिलाओं और किशोरों के खिलाफ बढ़ते अपराधों तथा प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर अब सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं। शुक्रवार को जदयू—जो कि एनडीए का सहयोगी दल है—की उत्तर प्रदेश प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल ने राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली में आयोग की सदस्य डेलीना खोंगदुप से मुलाकात की और बुंदेलखंड क्षेत्र की गंभीर स्थितियों को सामने रखा।इस दौरान शालिनी सिंह के साथ मृतक प्रियांशु गुप्ता की मां मंजू गुप्ता भी मौजूद रहीं।17 मई 2024 को प्रियांशु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। विसरा जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो चुका है कि मौत ज़हर से हुई, नामजद एफआईआर दर्ज है लेकिन नगर कोतवाली, जिला बांदा में दर्ज इस मामले में एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।शालिनी सिंह ने आयोग को प्रियांशु हत्याकांड सहित अन्य महिला उत्पीड़न मामलों की पूरी जानकारी दी और त्वरित हस्तक्षेप की मांग की।उन्होंने दो टूक कहा, “यह केवल एक पीड़िता की पुकार नहीं है, यह न्याय व्यवस्था की साख का प्रश्न है।”आयोग की सदस्य डेलीना खोंगदुप ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि जल्द ही राष्ट्रीय महिला आयोग की
अध्यक्ष विजया किशोर रहाट कर के नेतृत्व में सभी सदस्यों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों की समीक्षा की जाएगी।इसके साथ ही आयोग देशभर में महिला सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू करने की भी तैयारी में है।एनडीए की सहयोगी पार्टी जदयू की इस पहल को राजनीतिक हलकों में एक जिम्मेदार गठबंधन साझेदार द्वारा उठाए गए नैतिक हस्तक्षेप के तौर पर देखा जा रहा है।शालिनी सिंह पटेल ने कहा, “सरकार गठबंधन की हो या विपक्ष की—जब बात महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की हो, तो हर संवेदनशील प्रतिनिधि की जिम्मेदारी बनती है कि वह आवाज़ उठाए।

